Angered by administrative neglect, villagers built a 5-km road through voluntary labor, setting an example of self-reliance.

प्रशासनिक उपेक्षा से नाराज़ ग्रामीणों ने श्रमदान से बनाई 5 किमी सड़क, पेश की आत्मनिर्भरता की मिसाल

Angered by administrative neglect, villagers built a 5-km road through voluntary labor, setting an example of self-reliance.
Angered by administrative neglect, villagers built a 5-km road through voluntary labor, setting an example of self-reliance.

शंभू कुमार सिंह 

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सिमडेगा/बानो: वर्षों से जर्जर सड़क की समस्या से जूझ रहे बानो प्रखंड के कोहिपाट और जोरोबाड़ी गांव के ग्रामीणों ने प्रशासनिक मदद का इंतजार छोड़ खुद ही सड़क निर्माण का जिम्मा उठा लिया। ग्रामीणों ने सामूहिक श्रमदान और जनसहयोग के बल पर करीब पांच किलोमीटर लंबी कच्ची सड़क की मरम्मत कर उसे आवागमन योग्य बना दिया।

ग्रामीणों के अनुसार कोहिपाट से जोरोबाड़ी तक जाने वाली सड़क पिछले लगभग 15 वर्षों से बदहाल थी। बारिश के मौसम में स्थिति और भी खराब हो जाती थी, जिससे मरीजों, गर्भवती महिलाओं, स्कूली बच्चों और किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। कई बार गंभीर रूप से बीमार लोगों को खाट पर उठाकर अस्पताल तक पहुंचाना पड़ता था।

सड़क की दुर्दशा और प्रशासनिक उदासीनता से परेशान ग्रामीणों ने एकजुट होकर श्रमदान का निर्णय लिया। गांव के प्रत्येक परिवार ने इस कार्य में अपनी भागीदारी निभाई। पुरुषों, महिलाओं और युवाओं ने मिलकर सड़क को समतल किया तथा गड्ढों को भरकर रास्ते को सुगम बनाया।

ग्रामीणों का कहना है कि यह पहल केवल सड़क मरम्मत का कार्य नहीं, बल्कि गांव की एकता, सहयोग और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों तक मांग और शिकायतों के बावजूद प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की ओर से सड़क निर्माण के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस सड़क का स्थायी समाधान करते हुए इसे जल्द पक्की सड़क में तब्दील किया जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को भविष्य में आवागमन संबंधी कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

ग्रामीणों की इस पहल की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि कोहिपाट और जोरोबाड़ी के ग्रामीणों ने सामूहिक प्रयास और जनसहयोग से यह साबित कर दिया है कि एकजुटता के बल पर बड़ी से बड़ी चुनौती का समाधान संभव है।

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