बाबूलाल मरांडी का ‘फेक वीडियो’ वायरल करने का आरोप, JMM नेता ब्रह्मदेव पासवान के खिलाफ FIR के लिए आवेदन
आकाश सिंह
रांची: झारखंड की राजनीति में ‘डीपफेक’ और ‘एआई तकनीक’ के दुरुपयोग को लेकर घमासान शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM ) के सोशल मीडिया संयोजक ब्रह्मदेव पासवान के खिलाफ कानूनी मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को भाजपा नेताओं ने रांची के अरगोड़ा थाने में आवेदन देकर प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
भाजपा विधि प्रकोष्ठ के सुधीर श्रीवास्तव के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल अरगोड़ा थाना पहुंचा। सुधीर श्रीवास्तव ने बताया कि झामुमो के सोशल मीडिया संयोजक ब्रह्मदेव पासवान ने अपने आधिकारिक ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल से झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता बाबूलाल मरांडी का एक एडिटेड वीडियो पोस्ट किया है।
आरोप है कि इस वीडियो को एआई (AI) तकनीक के जरिए बदला गया है, ताकि बाबूलाल मरांडी की छवि को धूमिल किया जा सके।
किन धाराओं के तहत शिकायत?
मामले में मुख्य शिकायतकर्ता भाजपा के जिला मंत्री विनोद कुमार रजक हैं। उन्होंने पुलिस को दिए आवेदन में ब्रह्मदेव पासवान के खिलाफ निम्नलिखित आधारों पर कार्रवाई की मांग की है:
आईटी एक्ट (IT Act):
डिजिटल तकनीक का दुरुपयोग कर भ्रामक जानकारी फैलाने के लिए।
मानहानि:
नेता की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाने के उद्देश्य से कंटेंट साझा करना।
शांति भंग करने का प्रयास:
भाजपा का तर्क है कि इस प्रकार के फेक वीडियो से राज्य में दंगा, बवाल और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है।
“जैसे ही मुझे इस वायरल वीडियो की जानकारी मिली, मैंने तुरंत इसकी गंभीरता को समझते हुए थाना में शिकायत दर्ज कराई। राजनीति में वैचारिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन तकनीक का सहारा लेकर किसी का चरित्र हनन करना अपराध है।” विनोद कुमार रजक, शिकायतकर्ता
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे मौजूद
थाना पहुंचने वाले भाजपा प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से सुधीर श्रीवास्तव, विनोद कुमार रजक, संजय रविदास, सुबोध कांत और संजय चौधरी शामिल थे।
पुलिस की कार्रवाई
अरगोड़ा थाना पुलिस ने आवेदन स्वीकार कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब साइबर सेल की मदद से इस बात की पुष्टि करेगी कि क्या वीडियो वास्तव में एआई तकनीक से एडिट किया गया है।
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