रिम्स परिसर में अवैध निर्माण पर बाबूलाल मरांडी का हेमंत सरकार पर तीखा हमला: भ्रष्ट तंत्र को ठहराया जिम्मेदार

रिम्स परिसर में अवैध निर्माण पर बाबूलाल मरांडी का हेमंत सरकार पर तीखा हमला: भ्रष्ट तंत्र को ठहराया जिम्मेदार

रिम्स परिसर में अवैध निर्माण पर बाबूलाल मरांडी का हेमंत सरकार पर तीखा हमला: भ्रष्ट तंत्र को ठहराया जिम्मेदार

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

रांची, 15 दिसंबर : झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने रिम्स (राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) परिसर में अवैध निर्माणों के तोड़े जाने के मामले पर हेमंत सोरेन सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने इसे राज्य के भ्रष्ट सरकारी तंत्र का परिणाम बताया और जिम्मेदार अधिकारियों के निलंबन की मांग की।
मरांडी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर रिम्स परिसर से अवैध निर्माणों को हटाना न्यायोचित और स्वागतयोग्य है, लेकिन सवाल यह है कि हेमंत सरकार के भ्रष्ट तंत्र की सजा निर्दोष आम जनता क्यों भुगते? उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्ट अधिकारी मुख्यमंत्री के संरक्षण में काम कर रहे हैं।मुख्य आरोप और मांगें:भ्रष्टाचार के तार: रिम्स की जमीन पर रजिस्ट्री कैसे हुई? म्यूटेशन इतनी आसानी से कैसे हो गया? रांची नगर निगम ने नक्शा कैसे पास किया? रेरा (RERA) ने अपनी जिम्मेदारी क्यों नहीं निभाई? इनमें रिश्वत और बड़े भ्रष्टाचार की बू आ रही है।
अधिकारियों पर कार्रवाई: रजिस्ट्रार, अंचल अधिकारी, रांची नगर निगम के जिम्मेदार अधिकारी और रेरा के अधिकारियों को तत्काल निलंबित कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

खरीदारों की मदद: निर्दोष फ्लैट खरीदारों (जो सरकारी दस्तावेजों पर भरोसा कर खरीदारी किए) को राज्य सरकार तुरंत वैकल्पिक आवास उपलब्ध कराए। उनके बैंक लोन की जिम्मेदारी सरकार ले और भ्रष्ट अधिकारियों से वसूली करे।

झारखंड हाईकोर्ट ने 3 दिसंबर 2025 को रिम्स परिसर अतिक्रमण हटाने के लिए 72 घंटे का समय दिया था। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की और दिसंबर में डॉक्टर्स कॉलोनी के पास करीब 30 अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए। अभियान जारी है और कोर्ट ने इसे जारी रखने का आदेश दिया है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक, प्रवक्ता राफिया नाज, सह मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह और अशोक बड़ाइक उपस्थित थे।यह मामला राज्य में भ्रष्टाचार और सरकारी तंत्र की नाकामी का प्रतीक बन गया है। भाजपा ने इसे मुद्दा बनाकर सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति अपनाई है।

नई और ताज़ा खबरों के लिए जुड़े रहें — Drishti Now