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बांग्लादेश: हिंदू व्यवसायी खोकन चंद्र दास इलाज के दौरान मौत , कुछ दिन पहले जिंदा जलाकर हत्या करने की हुई थी कोशिश

बांग्लादेश: हिंदू व्यवसायी खोकन चंद्र दास इलाज के दौरान मौत , कुछ दिन पहले जिंदा जलाकर हत्या करने की हुई थी कोशिश

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डेस्क – बांग्लादेश के शरीयतपुर जिले में नृशंस हमले का शिकार हुए हिंदू व्यवसायी खोकन चंद्र दास की इलाज के दौरान मौत हो गई। यह घटना फरवरी 2026 में होने वाले आम चुनावों से पहले अल्पसंख्यक समुदाय, खासकर हिंदुओं पर लक्षित हिंसा की बढ़ती घटनाओं की कड़ी में एक और दुखद अध्याय है।खोकन चंद्र दास (उम्र करीब 50 वर्ष) शरीयतपुर के डामुद्या उपजिले में के उर भांगा बाजार में दवा की दुकान और मोबाइल बैंकिंग का व्यवसाय चलाते थे। 31 दिसंबर 2025 की रात करीब 9:30 बजे दुकान बंद करके ऑटो-रिक्शा से घर लौट रहे थे, जब हमलावरों ने डामुद्या-शरीयतपुर रोड पर उनका वाहन रोका।

धारदार हथियारों से हमला करने के बाद पेट्रोल डालकर उन्हें आग के हवाले कर दिया गया।प्राण बचाने के लिए खोकन दास पास के तालाब में कूद गए। चीखें सुनकर स्थानीय लोगों ने उन्हें बचाया और पहले शरीयतपुर सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां गंभीर चोटों और जलने के कारण उन्हें ढाका के नेशनल बर्न इंस्टीट्यूट रेफर कर दिया गया।

दुर्भाग्य से, 3 जनवरी 2026 की सुबह करीब 7:20 बजे उनकी मौत हो गई। पीड़ित की पत्नी सीमा दास ने बताया कि उनके पति ने हमलावरों में से दो को पहचान लिया था, इसलिए वे उन्हें मारने की नीयत से आए थे। परिवार का कहना है कि उनका किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी।

पुलिस ने तीन संदिग्धों – सोहाग खान, राब्बी मोल्ला और पलाश सरदार – के नाम पर मामला दर्ज किया है और गिरफ्तारियों का प्रयास कर रही है।

यह घटना हाल के हफ्तों में हिंदू समुदाय पर हुए हमलों की श्रृंखला का हिस्सा है। दिसंबर 2025 में ही मयमनसिंह में दीपू चंद्र दास और राजबाड़ी में अमृत मंडल की हत्या हुई थी। अंतरिम सरकार के कार्यकाल में अल्पसंख्यकों पर हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं, जिसे कई संगठन सांप्रदायिक तनाव और कानून-व्यवस्था की विफलता से जोड़कर देख रहे हैं।

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