बिहार विधानसभा चुनाव 2025 : पहले चरण के प्रमुख चेहरे और सीटें
नवीन कुमार
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। सोमवार शाम 6 बजे 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर प्रचार थम गया। अब उम्मीदवार मतदाताओं से सीधा संपर्क कर समर्थन जुटाने में लगे हैं। 6 नवंबर को पहले चरण का मतदान होगा, जो मुख्य रूप से उत्तर बिहार के जिलों में फैला है। जातीय समीकरण, विकास के मुद्दे और स्थानीय सियासी समीकरण इस चरण में निर्णायक साबित होंगे। एनडीए, महागठबंधन और प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के बीच त्रिकोणीय मुकाबले ने सियासी माहौल को और रोमांचक बना दिया है।
प्रमुख चेहरे और उनकी सीटें
तेजस्वी यादव (महागठबंधन, आरजेडी) विधानसभा क्षेत्र: रघुनाथपुर। मुख्य प्रतिद्वंदी: सतीश कुमार यादव (भाजपा), चंचल कुमार (जन सुराज)। दो बार के विधायक और महागठबंधन के सीएम चेहरे के रूप में तेजस्वी यादव की सीट पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
तेज प्रताप यादव (जेजेडी – आरजेडी) विधानसभा क्षेत्र: महुआ (वैशाली)
मुख्य प्रतिद्वंदी: मुकेश कुमार रौशन (आरजेडी), संजय सिंह (एलजेएपी)। आरजेडी का गढ़ मानी जाने वाली सीट पर लालू परिवार में बिखराव का असर देखने को मिल सकता है।
सम्राट चौधरी (भाजपा – एनडीए) विधानसभा क्षेत्र: तारापुर (मुंगेर)
मुख्य प्रतिद्वंदी: अरुण शाह (आरजेडी) उपमुख्यमंत्री के रूप में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रहे सम्राट चौधरी अपने पिता शकुनी चौधरी की विरासत बचाने की चुनौती में हैं।
मैथिली ठाकुर (भाजपा – एनडीए) विधानसभा क्षेत्र: अलीनगर (दरभंगा)
मुख्य प्रतिद्वंदी: बिनोद मिश्रा (आरजेडी), बिप्लव चौधरी (जन सुराज)। लोकगायिका मैथिली ठाकुर पहली बार राजनीति के मैदान में हैं और युवा मतदाताओं में लोकप्रिय चेहरा मानी जा रही हैं।
विजय कुमार सिन्हा (भाजपा – एनडीए) विधानसभा क्षेत्र: लखीसराय
मुख्य प्रतिद्वंदी: सूरज कुमार (जन सुराज), पूर्व विधानसभा अध्यक्ष के रूप में एनडीए के मजबूत नेता, लेकिन जन सुराज की चुनौती यहां भी मौजूद है।
नितिन नविन (भाजपा – एनडीए) विधानसभा क्षेत्र: बांकीपुर (पटना)
नितिन नविन लगातार तीसरी बार जीत की कोशिश में, विपक्ष के बिखराव का लाभ उठाने की रणनीति।
अख्तरुल इमान (एआईएमआईएम) विधानसभा क्षेत्र: अमौर (किशनगंज)
मुस्लिम बहुल क्षेत्र में एआईएमआईएम प्रमुख की मजबूत पकड़, 2020 में जेडीयू को हराया था।
के. सी. सिन्हा (जन सुराज) विधानसभा क्षेत्र: कुम्हरार (पटना)
पूर्व वीसी और शिक्षाविद के रूप में पहली बार चुनावी मैदान में, जन सुराज के बौद्धिक चेहरे के तौर पर उभर रहे हैं।
संजय सिंह ‘टाइगर’ (भाजपा – एनडीए) विधानसभा क्षेत्र: आरा
मुख्य प्रतिद्वंदी: विजय कुमार गुप्ता (जन सुराज), कयामुद्दीन अंसारी (सीपीआई-एमएल)। परंपरागत भाजपा सीट पर इस बार त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है।
शशांत शेखर (कांग्रेस – महागठबंधन) विधानसभा क्षेत्र: पटना साहिब
मुख्य प्रतिद्वंदी: रत्नेश कुशवाहा (भाजपा) शहरी सीट पर युवा कांग्रेस नेता अपनी पैठ बनाने की कोशिश में हैं।
उमेश कुशवाहा (जदयू – एनडीए) विधानसभा क्षेत्र: महनार (वैशाली)
आरजेडी गढ़ माने जाने वाले इलाके में जदयू की साख बचाने की चुनौती।
चुनावी समीकरण
पहले चरण की सीटों पर यादव, कुशवाहा, मुस्लिम और भूमिहार वोट बैंक का समीकरण निर्णायक भूमिका निभा सकता है। रघुनाथपुर और महुआ में लालू परिवार की साख दांव पर है, जबकि तारापुर और लखीसराय में एनडीए अपनी पकड़ मजबूत रखने की कोशिश में है। जन सुराज और एआईएमआईएम जैसी पार्टियां कई जगह पारंपरिक वोट बैंक में सेंध लगाती दिख रही हैं।
पहले चरण के नतीजे 14 नवंबर को आएंगे, जो पूरे चुनावी रुख का संकेत देंगे। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या नीतीश कुमार की एनडीए सत्ता बरकरार रख पाएगी या तेजस्वी यादव की वापसी होगी? राजनीतिक पारा चढ़ चुका है और बिहार का रण अब निर्णायक मोड़ पर है।

















