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बिहार चुनाव 2025: NDA में सीट बंटवारे का घमासान!, चिराग पासवान ने बुलाई आपात बैठक; क्या लेंगी लोजपा बड़ा फैसला?

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पटना : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की रणभेरी बजते ही एनडीए गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर तनाव चरम पर पहुंच गया है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने आज सुबह पटना के वन विहार स्थित पार्टी मुख्यालय में आपातकालीन बैठक बुलाई है। इस बैठक में पार्टी के सभी सांसद, प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी, चुनाव प्रभारी सांसद अरुण भारती, प्रधान महासचिव, उपाध्यक्ष, जिला प्रभारी और प्रमुख नेता शामिल होंगे। बैठक की अध्यक्षता अरुण भारती करेंगे, जबकि चिराग पासवान दिल्ली में होने के बावजूद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दिशा-निर्देश देंगे।

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सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक एनडीए के साथ जारी सीट शेयरिंग वार्ता के बीच बुलाई गई है, जहां चिराग पासवान बीजेपी और जेडीयू के ऑफर से असंतुष्ट दिख रहे हैं। लोजपा (आर) ने कुल 36-40 सीटों की मांग रखी है, खासकर वैशाली, हाजीपुर, समस्तीपुर, खगड़िया और जमुई जैसे प्रभाव क्षेत्रों में 2-2 सीटों पर दावा ठोका है। ये कई सीटें ऐसी हैं, जहां बीजेपी और जेडीयू की भी दावेदारी है। हम पार्टी के जीतन राम मांझी भी अधिक सीटें हथियाने की कोशिश में लगे हैं, जिससे गठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठने लगे हैं।

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चिराग की नाराजगी: धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात टालकर दिल्ली लौटे

मंगलवार को दिल्ली में बीजेपी के बिहार प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान और सह प्रभारी विनोद तावड़े के साथ चिराग की बैठक के बावजूद कोई सहमति नहीं बनी। बुधवार को पटना पहुंचे प्रधान से चिराग ने मुलाकात करने से इनकार कर दिया और सीधे दिल्ली रवाना हो गए। जेडीयू के कुछ उम्मीदवारों द्वारा नामांकन की तिथियां घोषित करने (जैसे मोकामा से अनंत सिंह का 14 अक्टूबर को नामांकन) से चिराग की नाराजगी और बढ़ गई है। लोजपा के एक नेता ने कहा, “पार्टी प्रभारी द्वारा बुलाई गई यह बैठक चुनावी रणनीति पर अंतिम रायशुमारी के लिए है। हम बिहार फर्स्ट और बिहारियों फर्स्ट के सिद्धांत पर अडिग हैं।”

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राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चिराग इस बैठक के जरिए बीजेपी पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रहे हैं। यदि मनमाफिक सीटें न मिलीं, तो 2020 की तरह अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान हो सकता है, जब लोजपा ने जेडीयू को भारी नुकसान पहुंचाया था। हालांकि, चिराग ने पहले ही स्पष्ट किया है कि “जब तक नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री हैं, मैं एनडीए छोड़ने की सोच भी नहीं सकता।”

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चिराग का ट्वीट: ‘जुर्म करो मत, जुर्म सहो मत…’

इस बीच, चिराग पासवान का एक पुराना ट्वीट फिर से चर्चा में है: “जुर्म करो मत, जुर्म सहो मत। जीना है तो मरना सीखो, कदम-कदम पर लड़ना सीखो।” इस ट्वीट को राजनीतिक हलकों में चिराग के दृढ़ इरादों का प्रतीक माना जा रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि यह ट्वीट एनडीए के साथ हो रही ‘जोड़-तोड़’ पर एक अप्रत्यक्ष टिप्पणी है, जो उनकी लड़ने की ठान ली है। सोशल मीडिया पर भी यह ट्वीट वायरल हो रहा है, जहां कार्यकर्ता इसे चिराग के ‘आक्रामक’ रुख का संकेत बता रहे हैं।

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एनडीए की मुश्किलें बढ़ीं, विपक्ष में भी खींचतान

एनडीए के अलावा, महागठबंधन (इंडिया ब्लॉक) में भी आरजेडी, कांग्रेस और वाम दलों के बीच सीट बंटवारे पर सहमति नहीं बनी है। बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति 11-12 अक्टूबर को दिल्ली में अंतिम फैसला लेगी। बिहार चुनाव दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को होंगे, जबकि नतीजे 14 नवंबर को आएंगे।

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