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भाजपा ने राज्यपाल से की मुलाकात: सूर्या हांसदा एनकाउंटर की सीबीआई जांच और नगड़ी में रिम्स टू निर्माण पर रोक की मांग

रांची : भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने आज राजभवन जाकर राज्यपाल से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने गोड्डा जिले में सूर्या हांसदा के कथित पुलिस एनकाउंटर (जिसे सुनियोजित हत्या बताया जा रहा है) की सीबीआई जांच कराने और रांची के नगड़ी इलाके में रैयत किसानों की उपजाऊ जमीन पर प्रस्तावित रिम्स टू अस्पताल के निर्माण पर तत्काल रोक लगाने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन की कथित तानाशाही और हठधर्मिता के बारे में राज्यपाल को विस्तार से अवगत कराया।

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प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी के अलावा कार्यकारी अध्यक्ष रवींद्र कुमार राय, प्रदेश महामंत्री सह राज्यसभा सांसद आदित्य प्रसाद साहू और प्रदीप वर्मा, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद और विकास प्रीतम, रांची विधायक सीपी सिंह, हटिया विधायक नवीन जायसवाल, गंगोत्री कुजूर, प्रदेश मंत्री गणेश मिश्रा, सरोज सिंह, सुनीता सिंह, प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह और अशोक बड़ाईक शामिल थे।

सूर्या हांसदा मामले पर ज्ञापन

प्रतिनिधिमंडल ने सूर्या हांसदा के मामले को लेकर एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें 11 अगस्त 2025 को गोड्डा जिले के ललमटिया में हुए कथित पुलिस एनकाउंटर की सीबीआई जांच की मांग की गई। ज्ञापन में कहा गया कि सूर्या हांसदा को 10 अगस्त को देवघर के उनके रिश्तेदार के घर से पुलिस द्वारा उठाया गया और अगले दिन एनकाउंटर दिखाकर उनकी हत्या कर दी गई। परिवार ने कई सवाल उठाए हैं, जैसे गिरफ्तारी के बाद मेडिकल टेस्ट या अदालत में पेश न करना, जबकि सूर्या टाइफाइड से पीड़ित थे।

ज्ञापन में सूर्या को संवेदनशील सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता बताया गया, जो चार बार बोरियो विधानसभा से चुनाव लड़ चुके थे और ललमटिया में चाँद भैरव राजा राज विद्यालय संचालित कर गरीब आदिवासी बच्चों की शिक्षा का प्रबंध कर रहे थे। पुलिस द्वारा उन्हें अपराधी बताने पर सवाल उठाते हुए कहा गया कि 24 मुकदमों में से 14 में वे बरी हो चुके थे, और किसी अदालत ने उन्हें अपराधी घोषित नहीं किया था। एनकाउंटर स्थल पर खून न मिलना और राजनीतिक दबाव की आशंका जताई गई। भाजपा ने इस मामले में सीबीआई जांच, दोषियों को सजा और परिवार व वकील को सुरक्षा की मांग की। पार्टी ने पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के नेतृत्व में सात सदस्यीय कमिटी की रिपोर्ट का भी जिक्र किया, जिसे राज्यसभा और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग में उठाया गया है।

नगड़ी रिम्स टू निर्माण पर ज्ञापन

दूसरे ज्ञापन में रांची के नगड़ी में रैयत किसानों की शत-प्रतिशत उपजाऊ भूमि पर प्रस्तावित रिम्स टू अस्पताल के निर्माण पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई। ज्ञापन में हेमंत सोरेन सरकार को किसान विरोधी बताते हुए कहा गया कि यह भूमि आदिवासियों की रैयती खतियानी जमीन है, जहां हजारों परिवार खेती से जीविका चला रहे हैं। सरकार को गैर-कृषि भूमि पर निर्माण करने की सलाह दी गई।

24 अगस्त 2025 को किसानों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल का जिक्र करते हुए इसे दमनकारी बताया गया। भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 की धारा 24(2) का हवाला देकर कहा गया कि अधिग्रहण पूरा न होने पर जमीन वापस की जानी चाहिए। भाजपा ने अस्पताल निर्माण का विरोध न करते हुए बंजर जमीन पर वैकल्पिक स्थान की मांग की। साथ ही किसानों पर दर्ज फर्जी मुकदमे निरस्त करने, मालगुजारी रसीद काटने और पत्रकारों पर कार्रवाई रोकने की मांग की गई। पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन को हाउस अरेस्ट करने का भी विरोध जताया गया।

भाजपा ने कहा कि राज्य सरकार तानाशाही पर उतर आई है और अघोषित आपातकाल जैसी स्थिति है। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से दोनों मामलों में राज्य सरकार को आवश्यक निर्देश देने की अपील की।

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