भाजपा का हेमंत सरकार पर तीखा हमला: स्वच्छता सर्वेक्षण में झारखंड की शर्मनाक स्थिति, 74वां संविधान संशोधन बना मजाक
स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 में झारखंड के खराब प्रदर्शन और राजधानी रांची की गिरती रैंकिंग को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने हेमंत सोरेन सरकार पर तीखा हमला बोला है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने इसे शर्मनाक बताते हुए पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार पर डाली और कहा कि यह सरकार न सिर्फ शहरी शासन के प्रति असंवेदनशील है, बल्कि संविधान की मूल भावना का भी उल्लंघन कर रही है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!साह ने आरोप लगाया कि संविधान का 74वां संशोधन शहरी निकायों में लोकतांत्रिक शासन सुनिश्चित करता है, लेकिन हेमंत सरकार पिछले पांच वर्षों से नगर निकाय चुनाव कराने में नाकाम रही है। इससे सभी नगर निकाय केवल अधिकारियों के हवाले हैं, जिन पर कोई जनप्रतिनिधि नियंत्रण नहीं है। उन्होंने कहा कि जवाबदेही के अभाव में भ्रष्टाचार पनप रहा है। सरकार के संरक्षण में अधिकारी नगर निकायों को भ्रष्टाचार का अड्डा बना चुके हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने तंज कसते हुए कहा कि केंद्र की मोदी सरकार स्वच्छ भारत मिशन को जन-आंदोलन बना रही है, वहीं हेमंत सरकार ने ‘भ्रष्टाचार मिशन’ को अपनी नीति बना लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की बुनियादी जरूरतों को नजरअंदाज कर मंत्रियों के लिए आलीशान बंगलों के सौंदर्यीकरण में व्यस्त है, जबकि रांची की गलियां कचरे के ढेर में तब्दील हो रही हैं।
साह ने सवाल उठाया कि हाईकोर्ट द्वारा बार-बार संज्ञान लेने और निर्देश देने के बावजूद नगर निकाय चुनाव क्यों नहीं कराए गए? उन्होंने कहा कि जब अन्य राज्यों में समय पर चुनाव हो सकते हैं, तो झारखंड में क्या रुकावट है?”
भाजपा ने मांग की कि राज्य सरकार तुरंत नगर निकाय चुनावों की घोषणा करे और लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था बहाल करे। साह ने कहा कि इससे ही झारखंड विकास, पारदर्शिता और स्वच्छता की पटरी पर लौट सकता है।

















