रांची में BJYM का ‘युवाओं से संवाद’ कार्यक्रम, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान पर हुई चर्चा

रांची: भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) की ओर से शनिवार को रांची के शहीद स्मृति सभागार में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर ‘युवाओं से संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद प्रदीप वर्मा ने युवाओं को संबोधित करते हुए डॉ. मुखर्जी के जीवन, विचारों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर विस्तार से चर्चा की।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!अपने संबोधन में प्रदीप वर्मा ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने देश की एकता और अखंडता के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर में लागू परमिट प्रथा का विरोध करते हुए डॉ. मुखर्जी ने “एक देश, एक प्रधान, एक विधान और एक निशान” का संदेश दिया और राष्ट्र की एकता के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
राज्यसभा सांसद ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद कई राष्ट्रनायकों के योगदान को उचित पहचान नहीं मिली। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऐसे कई महान व्यक्तित्वों को सम्मान मिला है। इस दौरान उन्होंने सरदार पटेल की स्टैच्यू ऑफ यूनिटी और लाचित बरफुकन को दिए गए सम्मान का भी उल्लेख किया।
प्रदीप वर्मा ने झारखंड में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर स्थापित विश्वविद्यालय से उनका नाम हटाए जाने के मुद्दे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यदि जनप्रतिनिधियों को डॉ. मुखर्जी के योगदान की सही जानकारी होती, तो ऐसा निर्णय नहीं लिया जाता। उनके अनुसार, इस फैसले से राज्य के लाखों बंगाली भाषी लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।
कार्यक्रम में भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेताओं ने कहा कि इस तरह के आयोजनों का उद्देश्य युवाओं को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचारों, राष्ट्र सेवा और उनके योगदान से परिचित कराना है, ताकि नई पीढ़ी उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभा सके।
















