Bokaro: Uproar over woman's death during surgery

बोकारो: ऑपरेशन के दौरान महिला की मौत पर हंगामा, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

Bokaro: Uproar over woman's death during surgery

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

बोकारो/चास: बोकारो जिले के चास थाना क्षेत्र स्थित तेलीडीह रोड के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान एक महिला की मौत के बाद भारी हंगामा मच गया। मृतका चंदनकियारी की निवासी थी। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।

रांची में देर रात पुलिस-प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 8 बार में छापेमारी; नाबालिग मिले, खुले में शराब पीने वालों पर भी सख्ती

परिजनों के अनुसार, महिला को पेट दर्द की शिकायत के बाद तेलीडीह रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि महिला के शरीर में कॉपर-टी (गर्भनिरोधक उपकरण) फंसा हुआ है, जिसे निकालने के लिए ऑपरेशन जरूरी है। आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर ने कथित तौर पर नस काट दी, जिससे महिला की स्थिति अचानक गंभीर हो गई। आनन-फानन में उसे दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया गया, जहां शनिवार सुबह इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

परिजनों का छलका दर्द

अस्पताल में हुई मौत के बाद से ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सदस्यों ने बताया कि महिला अपने पीछे दो छोटे बच्चों को छोड़ गई है, जिनके भविष्य को लेकर अब वे बेहद चिंतित हैं। आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

प्रशासन ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

घटना की सूचना मिलते ही चास SDO और ASP भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।

SDO ने कहा की मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच की जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वहीं ASP ने बताया की घटना के बाद अस्पताल परिसर में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।”

कन्हाईश्वर पहाड़ पूजा: तीन राज्यों के श्रद्धालुओं ने की पूजा-अर्चना,कुणाल षाड़ंगी हुए शामिल

सिविल सर्जन की प्रतिक्रिया

बोकारो के सिविल सर्जन डॉ. अभय भूषण प्रसाद ने मामले पर संज्ञान लेते हुए कहा कि यदि पीड़ित पक्ष की ओर से लिखित शिकायत मिलती है, तो वे तुरंत एक मेडिकल बोर्ड या जांच टीम गठित करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में लापरवाही पाए जाने पर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, भारत के सबसे कम उम्र के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर बने

फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन कर रही है और अस्पताल प्रबंधन से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

नई और ताज़ा खबरों के लिए जुड़े रहें — Drishti Now