Hemant government releases draft of new Industrial and Textile Policy 2026

खनिज के बाद अब उद्योगों से चमकेगा झारखंड, हेमंत सरकार ने जारी किया नई औद्योगिक और टेक्सटाइल नीति 2026 का ड्राफ्ट

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रांची, 5 जुलाई: जो झारखण्ड अब तक सिर्फ कोयला और खनिज के लिए जाना जाता था मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के अथक प्रयासों को बाद अब सिर्फ खनिज संपदा और कोयला खदानों के लिए नहीं, बल्कि देश के बड़े औद्योगिक और आर्थिक हब के रूप में अपनी नई पहचान बनाने जा रहे है। राज्य की हेमंत सोरेन सरकार ने इस दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘झारखंड औद्योगिक-निवेश प्रोत्साहन नीति-2026’ और ‘झारखंड टेक्सटाइल, अपैरल एंड फुटवियर पॉलिसी-2026’ का ड्राफ्ट आधिकारिक तौर पर जारी कर दिया है। इस जानकारी को हेमंत सोरेन ने खुद अपने सोशल मीडिया में पोस्ट किया है

इस नई नीति का मुख्य फोकस राज्य का संतुलित विकास, स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार और वैश्विक स्तर का बुनियादी ढांचा तैयार करना है। सरकार का संकल्प है कि इस नीति का लाभ राज्य के हर जिले, गांव और आखिरी युवा तक पहुंचे।

1 लाख करोड़ रूपये के निवेश और 25,000 नौकरियों का महा-लक्ष्य

राज्य सरकार ने झारखंड के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी रोडमैप तैयार किया है। इसके तहत राज्य में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश जुटाने और कम से कम 25 हजार युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। बड़ी बात यह है कि यह नीति सिर्फ बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं होगी, बल्कि यह एक ऐसा इकोसिस्टम बनाएगी जिससे राज्य के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSMEs) को भी नई रफ्तार मिलेगी।

पिछड़े जिलों के लिए ‘विशेष पैकेज’, जमीन और स्टांप ड्यूटी में 100% छूट

झारखंड के सुदूर और औद्योगिक रूप से पिछड़े (आकांक्षी) जिलों को विकास की मुख्यधारा में लाने के लिए सरकार ने बड़ा दांव खेला है। इन क्षेत्रों में नए उद्योगों और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए जमीन की कीमतों और स्टांप ड्यूटी में 100 प्रतिशत तक की भारी छूट देने का प्रावधान किया गया है।

रेड टेपिस्म का खात्मा: ‘एडवांटेज झारखंड’ पोर्टल हुआ अपग्रेड

अक्सर निवेशकों के लिए सरकारी विभागों के चक्कर काटना और कागजी कार्रवाई सबसे बड़ी सिरदर्दी होती है। इसे खत्म करने के लिए सरकार ने ‘एडवांटेज झारखंड’ पोर्टल को पूरी तरह से अपग्रेड कर दिया है। अब निवेशकों को एक तय समयसीमा के भीतर सभी जरूरी मंजूरियां ऑनलाइन मिल जाएंगी। इसके अलावा, औद्योगिक पार्कों में 24 घंटे बिना रुकावट बिजली, शानदार रोड कनेक्टिविटी और हाई-स्पीड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की गारंटी भी सरकार खुद देगी।

पूर्वी भारत का ‘टेक्सटाइल हब’ बनेगा झारखंड

वस्त्र उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सरकार विशेष तौर पर ‘टेक्सटाइल, अपैरल एंड फुटवियर पॉलिसी-2026’ लेकर आई है।

इसका लक्ष्य 1,000 करोड़ रूपये से अधिक का निवेश और 20 हजार से ज्यादा नए रोजगार पैदा करना है।,75% स्थानीय रोजगार अनिवार्य: इस नीति के तहत कंपनियों के लिए 75 प्रतिशत स्थानीय लोगों को नौकरी पर रखना अनिवार्य होगा।, स्थानीय युवाओं को जोड़ने के लिए सरकार कंपनियों को प्रति पुरुष कर्मचारी ₹5,000 और महिला कर्मचारी के लिए 6,000 रूपये प्रति माह की ‘वेज सब्सिडी’ (वित्तीय सहायता) देगी।, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और दिव्यांग कर्मचारियों के लिए  1,000  रूपये की अतिरिक्त मासिक सब्सिडी दी जाएगी, जो इसे देश की सबसे समावेशी नीतियों में से एक बनाती है।

हर जिले में बनेंगे हुनर के केंद्र (क्लस्टर)

झारखंड देश में तसर रेशम (Tasar Silk) का सबसे बड़ा उत्पादक है और झारक्राफ्ट के जरिए लाखों कारीगर इससे जुड़े हैं। नई नीति के तहत सरकार हर जिले में क्लस्टर-आधारित उत्पादन और ट्रेनिंग सेंटर शुरू करेगी। इससे स्थानीय बुनकरों और कारीगरों के उत्पाद सीधे वैश्विक बाजार (Global Market) तक पहुंच सकेंगे।

इनोवेशन और पेटेंट पर 10 लाख रूपये तक की मदद

भविष्य की तकनीक को बढ़ावा देने के लिए अगर कोई भी MSME यूनिट अंतरराष्ट्रीय पेटेंट लेती है या मॉडर्न टेक्नोलॉजी ट्रांसफर करती है, तो उसके कुल खर्च का 50% (अधिकतम ₹10 लाख रुपये) का बोझ झारखंड सरकार खुद उठाएगी।

दिल्ली ‘इनवेस्टर समिट’ में दुनिया के सामने पेश होगा रोडमैप

यह नई नीतियां सिर्फ कागजी आंकड़े नहीं, बल्कि झारखंड के गौरव को फिर से स्थापित करने का जरिया हैं। आगामी 8 और 9 जुलाई को दिल्ली में आयोजित होने वाले ‘इनवेस्टर समिट’ में इस नए रोडमैप को दुनिया भर के बड़े निवेशकों के सामने रखा जाएगा। पर्यावरण संरक्षण और औद्योगिक प्रगति के शानदार संतुलन के साथ, झारखंड आने वाले दिनों में वैश्विक निवेशकों की पहली पसंद बनने के लिए पूरी तरह तैयार है।

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