गोमिया हाथी हमले में मृतकों के परिवारों को ₹4-4 लाख मुआवजा, घायलों का पूरा इलाज सरकार कराएग
रांची/बोकारो : झारखंड के बोकारो जिले के गोमिया क्षेत्र में जंगली हाथियों के झुंड द्वारा की गई दर्दनाक घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। इस हादसे में दो निर्दोष लोगों की मौत हो गई और चार लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। यह घटना मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती समस्या को एक बार फिर उजागर करती है।
घटना की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और मंत्री योगेंद्र महतो तुरंत सक्रिय हुए। दोनों मंत्रियों ने रिम्स अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और चिकित्सकों को सख्त निर्देश दिए कि सभी मरीजों को सर्वोत्तम इलाज उपलब्ध कराया जाए। डॉ. इरफान अंसारी ने स्पष्ट कहा कि इलाज में किसी भी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सभी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। चिकित्सकों ने बताया कि घायल चार बच्चे और एक महिला अब खतरे से बाहर हैं तथा उनका उपचार जारी है।
मंत्रियों ने पीड़ित परिवारों से मिलकर गहन संवेदना व्यक्त की और उन्हें ढांढस बंधाया कि सरकार उनके साथ खड़ी है। डॉ. इरफान अंसारी ने घोषणा की कि मृतकों के परिजनों को एक सप्ताह के अंदर ₹4-4 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, जबकि घायलों के समूचे इलाज का खर्च राज्य सरकार उठाएगी। उन्होंने कहा, “किसी परिवार के दर्द की भरपाई संभव नहीं, लेकिन हम उनकी हरसंभव मदद सुनिश्चित करेंगे।”
दोनों मंत्रियों ने हाथियों के बढ़ते प्रकोप पर गहरी चिंता जताई और कहा कि यह प्रकृति और मानव के बीच बिगड़ते संतुलन का संकेत है। जंगलों का सिकुड़ना, मानवीय विस्तार और संसाधनों की कमी जैसे कारणों पर गंभीर मंथन की जरूरत है। संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि मानवीय संवेदनशीलता और वन्यजीव संरक्षण दोनों को ध्यान में रखते हुए ठोस रोकथाम उपाय सुझाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियां न हों।
मंत्री योगेंद्र महतो ने कहा कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधि के नाते वे हर सुख-दुख में जनता के साथ हैं। घायलों को उचित इलाज और प्रभावित परिवारों को पूरी सहायता मिलेगी।
पत्रकारों से बातचीत में दोनों मंत्रियों ने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने रिम्स के विस्तार और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर की दिशा में सरकार के प्रयासों का जिक्र किया तथा रिम्स-2 की आवश्यकता पर मुख्यमंत्री द्वारा शीघ्र निर्णय की उम्मीद जताई। विपक्ष से भी सकारात्मक सुझाव देने की अपील की गई।


















