एक घंटे की बारिश में डूबी राजधानी, रांची की सड़कों पर तैरती दिखी व्यवस्था की हकीकत

रांची: राजधानी रांची में शनिवार को हुई महज एक घंटे की तेज बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। शहर के कई इलाकों में घुटनों से लेकर कमर तक पानी भर गया, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई प्रमुख सड़कें और चौराहे जलमग्न हो गए, जिससे वाहनों की रफ्तार थम गई और आम जनजीवन प्रभावित हुआ।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!हर साल मानसून से पहले नगर निगम द्वारा नालों की सफाई, जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने और जलजमाव से निपटने के दावे किए जाते हैं। लेकिन पहली ही तेज बारिश में शहर के कई हिस्सों में जलभराव ने इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई जगहों पर सड़कें तालाब जैसी नजर आईं और लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि समस्या केवल अधिक बारिश की नहीं, बल्कि जलनिकासी व्यवस्था की विफलता की है। वर्षों से शहर के विभिन्न इलाकों में जलजमाव की समस्या बनी हुई है, लेकिन इसके स्थायी समाधान की दिशा में ठोस पहल नहीं दिख रही है। लोगों का आरोप है कि नालों की नियमित सफाई और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रभावी ढंग से नहीं होने के कारण हर बारिश में यही स्थिति उत्पन्न होती है।
अब एक बार फिर यह सवाल उठने लगा है कि आखिर स्मार्ट सिटी बनने की राह पर चल रही राजधानी रांची को जलजमाव की समस्या से कब निजात मिलेगी। क्या हर मानसून में शहर इसी तरह पानी में डूबता रहेगा या फिर जलनिकासी व्यवस्था को लेकर कोई स्थायी और प्रभावी समाधान निकाला जाएगा?















