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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शहीद निर्मल महतो की 75वीं जयंती पर दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शहीद निर्मल महतो की 75वीं जयंती पर दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

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रांची, 25 दिसंबर : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन ने आज झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेता एवं अमर वीर शहीद निर्मल महतो की 75वीं जयंती पर रांची के जेल मोड़ स्थित उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि आज राज्य के आदिवासी-मूलवासियों के हक-अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाले वीर शहीद निर्मल महतो की 75वीं जयंती है। झारखंड राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं और ऐसे वीर सपूतों का जन्म इस धरती पर गौरव की बात है। शहीद निर्मल महतो का झारखंड आंदोलन में अमूल्य योगदान रहा है। उनके आदर्शों और विचारों को आत्मसात कर राज्य निरंतर आगे बढ़ रहा है।मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि शहादत के समय वे खुद युवा थे और आज राज्य के नौजवान उन्हें मार्गदर्शक एवं प्रेरणास्रोत मानते हैं। हर युवा उन पर गर्व करता है। आने वाले समय में उनके विचारों को जिंदा रखते हुए सभी राज्यवासी आगे बढ़ते रहेंगे।

कौन थे शहीद निर्मल महतो ?

झारखंड आंदोलन के प्रतीकशहीद निर्मल महतो का जन्म 25 दिसंबर 1950 को पूर्वी सिंहभूम जिले के उलियान गांव में हुआ था। वे ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) के संस्थापक और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के प्रमुख नेता थे। आदिवासी-मूलवासी अधिकारों और अलग झारखंड राज्य की मांग के लिए उन्होंने जीवनभर संघर्ष किया। 8 अगस्त 1987 को जमशेदपुर में उनकी शहादत ने आंदोलन को नई गति दी। उनके बलिदान के फलस्वरूप वर्ष 2000 में झारखंड राज्य का गठन हुआ।आज पूरे राज्य में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से उन्हें याद किया जा रहा है। उनके विचार आज भी झारखंड के युवाओं को प्रेरित कर रहे हैं।

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