मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने हूल आंदोलन के नायकों सिदो-कान्हु और चांद-भैरव को दी श्रद्धांजलि
रीता कुमारी
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज 1855 के स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत और हूल आंदोलन के नायकों सिदो-कान्हु तथा चांद-भैरव को माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने भारत माता के इन वीर सपूतों के बलिदान और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को याद किया।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा, “सिदो-कान्हु और चांद-भैरव ने औपनिवेशिक शासन के खिलाफ हूल आंदोलन का नेतृत्व कर स्वतंत्रता की अलख जगाई। उनका साहस और बलिदान हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।”
श्रद्धांजलि सभा में गांडेय विधायक कल्पना सोरेन, रामगढ़ विधायक ममता देवी, टुंडी विधायक मथुरा प्रसाद महतो, सारठ विधायक उदय प्रताप सिंह उर्फ चुन्ना सिंह, खिजरी विधायक राजेश कच्छप और पूर्व विधायक के.एन. त्रिपाठी भी उपस्थित रहे।
हूल आंदोलन, जिसे संथाल विद्रोह के रूप में भी जाना जाता है, 1855 में संथाल आदिवासियों द्वारा ब्रिटिश शासन और जमींदारी व्यवस्था के खिलाफ शुरू किया गया था। यह आंदोलन स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण अध्याय है, जिसमें सिदो-कान्हु और चांद-भैरव ने अपनी वीरता और नेतृत्व से इतिहास रचा।
इस अवसर पर उपस्थित नेताओं ने भी हूल नायकों के योगदान को याद करते हुए उनके आदर्शों को अपनाने और झारखंड के विकास में योगदान देने का संकल्प लिया।

















