मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन दावोस और लंदन दौरे से लौटे, रांची एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत
रांची : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन विश्व आर्थिक मंच (वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम) की वार्षिक बैठक में भाग लेने के बाद यूनाइटेड किंगडम (लंदन) दौरे को पूरा कर आज बिरसा मुंडा एयरपोर्ट, रांची पहुंचे। एयरपोर्ट परिसर में फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधिमंडल सहित बड़ी संख्या में आमजन, कार्यकर्ता और समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के साथ मुख्यमंत्री का जोरदार और भव्य स्वागत किया।
यह झारखंड राज्य गठन के बाद पहली बार था जब राज्य का 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में दावोस में विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक में शामिल हुआ। यह झारखंड के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि मानी जा रही है, जहां विश्व के प्रमुख निवेशक, उद्योगपति और गण्यमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। दौरे के दौरान झारखंड ने “Growth in Harmony with Nature” थीम के तहत सतत विकास, हरित ऊर्जा, क्रिटिकल मिनरल्स और निवेश की अपार संभावनाओं को वैश्विक पटल पर रखा।
एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा, “दावोस जैसे वैश्विक मंच पर झारखंड ने पहली बार अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। हमने राज्य की आवाज दुनिया तक पहुंचाई और बेहतर अनुभव प्राप्त किया। इस अनुभव से झारखंड की जल, जंगल, जमीन और अपार संभावनाओं को नया आयाम मिलेगा। हमारी सरकार शिक्षा, युवा सशक्तिकरण और निवेश को बढ़ावा देकर आने वाली पीढ़ी के लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित करेगी। राज्य में मौजूद संभावनाओं को मूर्त रूप देकर प्रगति के पथ पर अग्रसर करना हमारी प्राथमिकता है।”
दावोस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री को प्रतिष्ठित ‘व्हाइट बैज’ से सम्मानित किया गया, जो विश्व आर्थिक मंच द्वारा चुनिंदा वैश्विक नेताओं को प्रदान किया जाता है। साथ ही, झारखंड सरकार ने टाटा स्टील के साथ 11,000 करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू पर हस्ताक्षर किए, जो ग्रीन स्टील टेक्नोलॉजी और सस्टेनेबल इंडस्ट्री में निवेश को बढ़ावा देगा। लंदन में भी निवेशकों और डायस्पोरा से मुलाकात कर राज्य की संभावनाओं को प्रस्तुत किया गया।
यह दौरा झारखंड के 25वें वर्षगांठ के अवसर पर राज्य को वैश्विक मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य अब हरित ऊर्जा, सस्टेनेबल डेवलपमेंट और नए युग की अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से बढ़ रहा है, जिससे निवेश, रोजगार और समग्र विकास के नए द्वार खुलने की उम्मीद है।

















