जमशेदपुर घटना पर कांग्रेस का भाजपा पर पलटवार, राजनीति बंद कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने में सहयोग की अपील

रांची: जमशेदपुर की हालिया हत्या की घटना को लेकर झारखंड की सियासत तेज हो गई है। भाजपा के आरोपों के बाद अब झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पलटवार करते हुए भाजपा पर संवेदनशील मुद्दे पर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने बुधवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि जमशेदपुर की यह घटना पूरे राज्य के लिए बेहद दुखद और पीड़ादायक है। कांग्रेस इस घटना की कड़ी निंदा करती है और उसका स्पष्ट मत है कि दोषी चाहे कोई भी हो, उसे कानून के तहत कठोरतम सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा इस संवेदनशील मामले को राजनीतिक मंच बनाकर अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन तलाशने का प्रयास कर रही है।
राकेश सिन्हा ने कहा कि कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने से पहले भाजपा को अपने शासनकाल का इतिहास देखना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में मॉब लिंचिंग, महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध, सांप्रदायिक हिंसा और अन्य गंभीर घटनाएं हुईं, जिन पर पार्टी की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
कांग्रेस नेता ने कहा कि राज्य सरकार ने जमशेदपुर घटना का गंभीर संज्ञान लिया है। पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है और मामले की जांच जारी है। उन्होंने दोहराया कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, लेकिन भाजपा का उद्देश्य न्याय दिलाना नहीं बल्कि जनभावनाओं को भड़काकर राजनीतिक लाभ उठाना है।
उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के आरोपों को तथ्यहीन और गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कहा कि यदि भाजपा के पास किसी भी तरह के भ्रष्टाचार या पोस्टिंग में अनियमितता के प्रमाण हैं तो उन्हें जांच एजेंसियों के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए। बिना सबूत के आरोप लगाकर जनता को गुमराह करना उचित नहीं है।
राकेश सिन्हा ने भाजपा के झारखंड बंद और आंदोलन के आह्वान पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बंद और तनाव की राजनीति से किसी पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता। न्याय केवल कानून और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ही संभव है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी कानून के शासन, सामाजिक सौहार्द और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। भाजपा यदि वास्तव में संवेदनशील है तो राजनीतिक बयानबाजी के बजाय जांच और न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग करे।
















