SIR पर विपक्ष को घेरा, सुकांत मजूमदार बोले- चुनाव हारने पर कांग्रेस को मिल गया नया बहाना

रांची: केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर झूठ और भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, राहुल गांधी, टीएमसी, वामदल और झामुमो चुनाव आयोग तथा अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि लगातार चुनावी हार से परेशान कांग्रेस अब SIR को नया बहाना बना रही है।
डॉ. मजूमदार ने कहा कि वर्ष 2014 से 2025 के बीच कांग्रेस 56 बार चुनाव हार चुकी है। पहले चुनावी हार के लिए ईवीएम को जिम्मेदार ठहराया जाता था और अब SIR पर सवाल उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के लिए जनता का विश्वास हासिल करना जरूरी है, न कि चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाना। राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आंदोलन बीच में छोड़कर विदेश घूमने से चुनाव नहीं जीते जा सकते।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में SIR की प्रक्रिया पहली बार नहीं, बल्कि 12वीं बार हो रही है। इनमें 10 बार यह प्रक्रिया कांग्रेस के शासनकाल में हुई थी। उन्होंने विपक्ष के 13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने के आरोप पर कहा कि इस आंकड़े के पीछे के कारणों को छिपाया जा रहा है। उनके मुताबिक, इसमें करीब 2.8 करोड़ मृत मतदाता, 6.3 करोड़ दूसरे स्थानों पर जा चुके मतदाता और लगभग एक करोड़ डुप्लीकेट नाम शामिल हैं।

उन्होंने दावा किया कि मृत मतदाताओं को छोड़कर अन्य संबंधित मतदाताओं को नोटिस भेजे गए हैं। बीएलओ ने घर-घर जाकर तीन बार मतदाता सूची का सत्यापन किया है। इस प्रक्रिया में विभिन्न राजनीतिक दलों के करीब 20 लाख बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) भी शामिल रहे। इसके बावजूद विपक्ष अब तक किसी ठोस गड़बड़ी का प्रमाण नहीं दे पाया है।
डॉ. मजूमदार ने राहुल गांधी के ‘वोट चोरी की फीलिंग आ रही है’ वाले बयान को बचकाना और शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि विपक्ष चुनावी प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगा रहा है, लेकिन उनके समर्थन में ठोस प्रमाण पेश नहीं कर रहा है। उन्होंने कहा कि SIR और मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर संविधान में स्पष्ट प्रावधान हैं। विपक्षी नेताओं को संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने से पहले संविधान को समझना चाहिए।

केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से सफलता नहीं मिलने पर सड़कों पर अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने 20 जुलाई को दिल्ली में हुए हंगामे का उल्लेख करते हुए दावा किया कि इस दौरान 118 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। उन्होंने महिलाओं और बीएलओ पर हमले का भी आरोप लगाया।
डॉ. मजूमदार ने कहा कि भारत में सत्ता परिवर्तन का रास्ता चुनाव और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से होकर गुजरता है। विपक्ष को अपनी नीतियों और नेतृत्व के आधार पर जनता का विश्वास जीतना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि 2029 के लोकसभा चुनाव में भी जनता विपक्ष को जवाब देगी और भाजपा के नेतृत्व में फिर सरकार बनेगी।

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