Controversy over Maulana Jarjis's remarks during a speech in Jharkhand; religious organizations have expressed objection.

झारखंड में तकरीर के दौरान मौलाना जर्जिस के बयान पर विवाद, धार्मिक संगठनों ने जताई आपत्ति

Controversy over Maulana Jarjis's remarks during a speech in Jharkhand; religious organizations have expressed objection.
Controversy over Maulana Jarjis’s remarks during a speech in Jharkhand; religious organizations have expressed objection.

रांची/लखनऊ: उत्तर प्रदेश के इस्लामिक धर्मगुरु मौलाना जर्जिस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में मौलाना जर्जिस भगवान श्रीकृष्ण, भगवान राम और हिंदू धर्म की पूजा-पद्धति को लेकर टिप्पणी करते दिखाई दे रहे हैं। उनके बयान पर विभिन्न हिंदू संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई है और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

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बताया जा रहा है कि यह वीडियो 23 जून को झारखंड में आयोजित एक धार्मिक सभा (तकरीर) का है। वायरल वीडियो में मौलाना जर्जिस श्रीमद्भगवद्गीता के एक श्लोक का उल्लेख करते हुए दावा करते हैं कि भगवान श्रीकृष्ण “पूरे शरीर के साथ इबादत” की बात करते थे। उन्होंने अपने भाषण में यह भी कहा कि यदि लोग अपने धार्मिक ग्रंथों का गहराई से अध्ययन करें तो वे इस्लाम की शिक्षाओं को बेहतर ढंग से समझ पाएंगे।

मौलाना ने अपने संबोधन में भगवान राम और भगवान श्रीकृष्ण का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने भी वही संदेश दिया, जिसे इस्लाम प्रस्तुत करता है। इसके अलावा उन्होंने हिंदू पूजा-पद्धति पर भी टिप्पणी की, जिसे लेकर विवाद और बढ़ गया।

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हिंदू संगठनों ने जताया विरोध

मौलाना जर्जिस के बयान के सामने आने के बाद कई हिंदू संगठनों ने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताया है। लखनऊ में कुछ संगठनों ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए पुलिस को शिकायत सौंपी है। संगठनों का कहना है कि किसी भी धर्म के आराध्य और धार्मिक ग्रंथों की मनमानी व्याख्या सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती है।

धर्माचार्यों की तीखी प्रतिक्रिया

अयोध्या के एक संत ने मौलाना जर्जिस के बयान की कड़ी आलोचना करते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है। हालांकि प्रशासन और कानून-व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों ने लोगों से संयम बनाए रखने और किसी भी प्रकार की उकसाऊ प्रतिक्रिया से बचने की अपील की है।

मुस्लिम संगठनों ने भी जताई असहमति

जमात-ए-इस्लामी हिंद के उपाध्यक्ष मलिक मोहतसिम ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सार्वजनिक मंचों पर दूसरे धर्मों के बारे में विवादित या संवेदनशील टिप्पणियां करने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने धर्म के अनुसार आचरण करने की स्वतंत्रता है और धार्मिक मामलों में संयमित भाषा का प्रयोग किया जाना चाहिए।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर इस विषय को लेकर तीखी बहस देखने को मिल रही है। एक ओर कुछ लोग मौलाना के बयान का समर्थन कर रहे हैं, वहीं बड़ी संख्या में लोग इसे धार्मिक ग्रंथों की गलत व्याख्या और अनावश्यक विवाद पैदा करने वाला बयान बता रहे हैं।

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