The unique tradition of worshipping the Peepal tree during the month of Ashadh, seeking good rainfall and prosperity.

आषाढ़ में पीपल पूजा की अनूठी परंपरा, अच्छी बारिश और खुशहाली की कामना

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The unique tradition of worshipping the Peepal tree during the month of Ashadh, seeking good rainfall and prosperity.
The unique tradition of worshipping the Peepal tree during the month of Ashadh, seeking good rainfall and prosperity.

शंभू कुमार सिंह

सिमडेगा: जिले में आषाढ़ माह के दौरान पीपल वृक्ष की पूजा की सदियों पुरानी परंपरा आज भी पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ निभाई जा रही है। ग्रामीणों का मानना है कि पीपल पूजा से इंद्र देव प्रसन्न होते हैं, अच्छी वर्षा होती है और गांव में सुख-समृद्धि के साथ फसलों की बेहतर पैदावार होती है।

गुरुवार को सदर प्रखंड की कोचेडेगा पंचायत अंतर्गत कोचेडेगा राजस्व ग्राम में यह पारंपरिक अनुष्ठान विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर कोचेडेगा भंडार टोली, बांसपहार, जलकी टोली, माया टोली, बख्तर टोली, टोंगरी टोली, मांझी टोली, पहाड़ टोली, डोंगा टोली, टोकी डूबा, पाहन टोली और ठेठेंग टोली की महिलाएं सामूहिक रूप से पीपल वृक्ष के समीप एकत्रित हुईं।

परंपरा के अनुसार महिलाओं ने गांव में अच्छी बारिश, सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते हुए पीपल वृक्ष का जलाभिषेक किया। इसके बाद गांव के पाहन (पारंपरिक पुजारी) ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कराई। पूजा संपन्न होने के बाद पाहन को स्नान कराने की परंपरा भी निभाई गई, जिसे इस अनुष्ठान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

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ग्रामीण ममता देवी और मनीषा कुमारी ने बताया कि इस दिन विशेष नियमों का पालन किया जाता है। पूजा पूरी होने तक किसी भी घर में भोजन नहीं बनाया या ग्रहण किया जाता। वहीं खेतों में हल चलाने, कुदाल चलाने और अन्य कृषि कार्यों पर भी रोक रहती है। ग्रामीणों का विश्वास है कि इस परंपरा के पालन से अच्छी वर्षा होती है और खेती-बाड़ी में समृद्धि आती है।

पूजा के बाद महिलाओं ने पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य के माध्यम से अपनी आस्था एवं उत्साह का प्रदर्शन किया। ग्रामीणों के अनुसार यह परंपरा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि गांव की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे का भी प्रतीक है। पूर्वजों से चली आ रही यह परंपरा आज भी पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ निभाई जा रही है।

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