RSS कार्यालय पेट्रोल बम हमला: NIA की लोहरदगा में बड़ी कार्रवाई, क्रेन से घर में घुसी जांच टीम; डिजिटल साक्ष्य जब्त

आनंद कुमार सोनी / लोहरदगा
लोहरदगा/रांची: रांची स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रांत कार्यालय पर बीते 16 जून 2026 को हुए पेट्रोल बम हमले की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। गुरुवार तड़के राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने लोहरदगा में एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान एजेंसी ने एक संदिग्ध के घर में प्रवेश करने के लिए क्रेन का सहारा लिया, जो इलाके में चर्चा का विषय बन गया।

तड़के शुरू हुआ ऑपरेशन, भारी सुरक्षा बल तैनात
सुबह करीब 4 बजे NIA की टीम ने केंद्रीय सुरक्षा बलों के साथ लोहरदगा के उन ठिकानों पर दस्तक दी, जो हमले की साजिश से जुड़े हो सकते हैं। इस छापेमारी में मुख्य रूप से मामले में पहले से न्यायिक हिरासत में चल रहे आरोपी सैफ अंसारी और अमन अंसारी के आवासों को खंगाला गया।
कार्रवाई के दौरान एक घर का मुख्य दरवाजा बंद होने के कारण, टीम ने क्रेन मंगवाई और भवन के ऊपरी हिस्से से अंदर प्रवेश किया। इस हाई-वोल्टेज ड्रामा को देखने के लिए स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जुट गई, जिसे देखते हुए केंद्रीय बलों ने इलाके की घेराबंदी कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी।
डिजिटल साक्ष्य और दस्तावेजों पर नजर
सूत्रों के अनुसार, घंटों चली इस तलाशी के दौरान NIA के हाथ कई अहम सुराग लगे हैं। टीम ने घर से कई डिजिटल उपकरण (मोबाइल, लैपटॉप, पेनड्राइव) और संदिग्ध दस्तावेज जब्त किए हैं। इन सामग्रियों को अब फॉरेंसिक और तकनीकी जांच के लिए भेजा जाएगा, ताकि हमले के पीछे छिपे ‘नेटवर्क’ और साजिश की परतों को खोला जा सके।
क्या है मामला?
घटना की तिथि: 16 जून 2026 (रांची RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम से हमला)।
जांच का दायरा: NIA इस हमले को एक सोची-समझी साजिश मानकर जांच कर रही है।
पिछली कार्रवाई: इससे पहले 19 जून को भी एजेंसी ने लोहरदगा में कई स्थानों पर छापेमारी की थी।
गुरुवार की यह कार्रवाई उसी जांच का विस्तार मानी जा रही है। NIA का मुख्य उद्देश्य उन लोगों तक पहुंचना है जिन्होंने इस हमले की साजिश रची थी या इसमें प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से सहायता की थी। फिलहाल, जब्त किए गए साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद एजेंसी आगे की पूछताछ और गिरफ्तारी की तैयारी कर सकती है।
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