दिल्ली की हवा बनी घातक जहर: दीवाली के बाद AQI 400 पार, NCR में घना स्मॉग छाया

नई दिल्ली : दीवाली की रौनक अभी बरकरार है, लेकिन राजधानी दिल्ली और एनसीआर के निवासियों की सांसें अब जहरीली हवा से जूझ रही हैं। सोमवार रात को हुए पटाखों के धमाल के बाद मंगलवार सुबह दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 400 के पार पहुंच गया है, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में आता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, 38 निगरानी स्टेशनों में से 36 पर AQI ‘बहुत खराब’ से ‘गंभीर’ स्तर पर पहुंच चुका है, जबकि चार इलाकों में यह 400 से ऊपर दर्ज किया गया।

सुबह 10 बजे तक दिल्ली का समग्र AQI 356 पर पहुंचा, लेकिन कुछ क्षेत्रों जैसे बवाना (431), जहांगीरपुरी, वजीरपुर और आनंद विहार में यह आंकड़ा 400 को पार कर गया। मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली-एनसीआर का औसत AQI 451 तक पहुंच गया, जो राष्ट्रीय औसत से 1.8 गुना अधिक है। यह स्थिति सांस संबंधी बीमारियों, हृदय रोगियों और बच्चों के लिए बेहद खतरनाक है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत केवल ‘हरित पटाखों’ की अनुमति थी और समय सीमा 8 बजे से 10 बजे तक सीमित रखी गई थी। फिर भी, कई इलाकों में देर रात तक पटाखों की गूंज सुनाई दी। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि पराली जलाने, वाहनों के धुएं, निर्माण कार्यों से उड़ती धूल और मौसमी हवाओं की कमी ने प्रदूषण को चरम पर पहुंचा दिया।

डॉक्टरों ने लोगों से घर से बाहर न निकलने, मास्क पहनने और एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा रोगियों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। प्रदूषण के कारण सांस लेने में तकलीफ, खांसी और आंखों में जलन जैसी शिकायतें बढ़ रही हैं।

दिल्ली सरकार ने GRAP (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) के तहत निर्माण कार्यों पर रोक लगाई है और ओड-ईवन योजना पर विचार कर रही है। हालांकि, एनसीआर के अन्य राज्यों उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के साथ समन्वय की कमी प्रदूषण नियंत्रण में बाधा बन रही है। इंडियन एक्सप्रेस ने रिपोर्ट किया कि दीवाली के बाद स्मॉग की परत इतनी घनी है कि दृश्यता घटकर 100 मीटर से कम रह गई है।



















