बार डांसरों पर हाथ डालने से दो गुटों में जमकर मारपीट, कई घायल, धनबाद-जामताड़ा बॉर्डर के करमदाहा मेले में की घटना
धनबाद-जामताड़ा बॉर्डर पर करमदाहा मेले में खूनी झड़प: बार डांसरों पर हाथ डालने से दो गुटों में जमकर मारपीट, कई घायल

जामताड़ा/धनबाद, 23 जनवरी – झारखंड के जामताड़ा जिले के नारायणपुर प्रखंड में बराकर नदी के किनारे स्थित प्रसिद्ध ऐतिहासिक करमदाहा मेला (दुखिया बाबा महादेव मेला) में रात के सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान बड़ा हंगामा मच गया। पौष मास (मकर संक्रांति के अवसर पर) लगने वाले इस मेले में पश्चिम बंगाल से आई बार डांसरों (बार बालाओं) के डांस परफॉर्मेंस के दौरान एक पक्ष द्वारा छेड़छाड़ का आरोप लगा, जिसके बाद दो गुटों में तीखी बहस हुई।
मामला रात में पुलिस के हस्तक्षेप से शांत हुआ, लेकिन अगली सुबह फिर से भड़क गया और लाठियां, ईंट-पत्थर चलने लगे।स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रात के डांस प्रोग्राम में जब एक पक्ष ने डांसरों पर हाथ डालने की कोशिश की, तो दूसरे पक्ष ने विरोध किया। विवाद बढ़ने पर पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति संभाली।
लेकिन सुबह होते ही दोनों गुट मेले के मैदान में आमने-सामने हो गए। मारपीट इतनी जोरदार हुई कि कई लोग घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया।
स्थानीय सूत्रों ने 8-10 लोगों के घायल होने की बात कही है।
मेले का ऐतिहासिक महत्व और भीड़ का दबाव
करमदाहा मेला धनबाद-जामताड़ा बॉर्डर पर हर साल मकर संक्रांति (15 जनवरी) से शुरू होकर लगभग 15-30 दिनों तक चलता है। दुखिया बाबा महादेव मंदिर परिसर में लगने वाला यह मेला धार्मिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक महत्व रखता है। हजारों श्रद्धालु स्नान और पूजन के लिए आते हैं, साथ ही मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम, झूले, दुकानें और मनोरंजन का जमघट लगता है।
इस बार मेले की नीलामी 59 लाख से अधिक में हुई थी, और प्रशासन ने सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए थे।हालांकि, मेले में उमड़ने वाली भीड़ के कारण छोटी-मोटी बातें अक्सर बड़े विवाद में बदल जाती हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि भीड़भाड़ और रात के कार्यक्रमों में ऐसी घटनाएं पहले भी होती रही हैं, लेकिन इस बार मामला हिंसक हो गया।
पुलिस कार्रवाई और स्थिति
जामताड़ा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को शांत किया और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन तनाव बना हुआ है। मेले के आयोजकों को इस घटना से नुकसान होने की आशंका है, क्योंकि श्रद्धालुओं और सैलानियों में डर का माहौल बन सकता है।प्रशासन ने पहले से अश्लीलता और असामाजिक तत्वों पर सख्ती बरतने की बात कही थी, लेकिन यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है।


















