Dhanbad Crime News : धनबाद में 'जिस्मफरोशी' का बढ़ा ग्राफ: बंगाल-बिहार की हसीनाओं का जाल, व्हाट्सएप के जरिए युवाओं का शिकार

Dhanbad Crime News : धनबाद में ‘जिस्मफरोशी’ का बढ़ा ग्राफ: बंगाल-बिहार की हसीनाओं का जाल, व्हाट्सएप के जरिए युवाओं का शिकार

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Dhanbad Crime News : धनबाद में ‘जिस्मफरोशी’ का बढ़ा ग्राफ: बंगाल-बिहार की हसीनाओं का जाल, व्हाट्सएप के जरिए युवाओं का शिकार

Dhanbad Crime News : धनबाद में 'जिस्मफरोशी' का बढ़ा ग्राफ: बंगाल-बिहार की हसीनाओं का जाल, व्हाट्सएप के जरिए युवाओं का शिकार

धनबाद: कोयला नगरी धनबाद (Dhanbad) इन दिनों एक काले धंधे की गिरफ्त में है। शहर की चमक-दमक के पीछे ‘सेक्स (sex) का सेंसेक्स’ तेजी से ऊपर जा रहा है। बंगाल के सीतारामपुर और बिहार के सासाराम से भारी संख्या में सेक्स वर्कर्स को धनबाद लाया जा रहा है, जिससे इलाके के सामाजिक ताने-बाने पर खतरा मंडराने लगा है।

होटल और लॉज बने ‘अड्डे’, पड़ोसी डिलीवरी का खेल

सूत्रों के अनुसार, बाघमारा से निरसा और झरिया से कतरास तक दलालों का एक बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। होटल मालिकों और एजेंटों की मिलीभगत से ‘पड़ोसी डिलीवरी’ का खेल चल रहा है। छोटे-बड़े होटलों और गेस्ट हाउसों को इस अवैध धंधे के लिए सुरक्षित पनाहगाह बनाया गया है।
सोशल मीडिया पर बिछाया जा रहा ‘हनी ट्रैप’
इस रैकेट का सबसे डरावना पहलू इसका डिजिटल नेटवर्क है।
* टारगेट: 18 से 25 साल के युवा।
* तरीका: फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल, लुभावनी तस्वीरें और वीडियो कॉल।
* व्हाट्सएप सर्विस: स्पेशल सर्विस के नाम पर युवाओं को व्हाट्सएप पर मैसेज भेजे जाते हैं और उन्हें इस दलदल में घसीटा जाता है।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा: कतरास में सड़क जाम
निरसा में हुई हालिया छापेमारी के बाद अब कतरास के मशहूर ‘आश्रय होटल’ में ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन की नाक के नीचे यह धंधा फल-फूल रहा है। आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आधा दर्जन युवक-युवतियों को हिरासत में लिया।
“अगर पुलिस ने जल्द ही इन अनैतिक गतिविधियों पर पूर्ण विराम नहीं लगाया, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।” — स्थानीय ग्रामीण
पुलिस की रडार पर अब जिले के सभी होटल
छापेमारी के दौरान पुलिस को इस रैकेट के विशाल नेटवर्क के अहम सुराग मिले हैं। धनबाद पुलिस अब जिले के संदिग्ध लॉज और होटलों की कुंडली खंगाल रही है। प्रशासन पर अब कड़ी कार्रवाई का भारी दबाव है क्योंकि यह मामला अब केवल अपराध तक सीमित नहीं, बल्कि सार्वजनिक आक्रोश का रूप ले चुका है।

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