19 गांव को पंचायत में शामिल नहीं होने पर विस्थापितों (displaced) ने किया ग्रामीण विकास मंत्री का जमकर विरोध
झारखंड राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम सेक्टर चार स्थित कांग्रेस कार्यालय में बूधवार को जब जन सुनवाई करने पहुंचे तो 19 गांव के विस्थापितों ने जमकर बवाल काटा। थे। बोकारो स्टील प्लांट निर्माण में विस्थापित (displaced) हुए इन विस्थापितों ने मंत्री के समक्ष इन गांवों को पंचायत में शामिल नहीं करने का विरोध जताया।

स्लीपर सेल (sleeper cell) ने रचा था रामनवमी में लोहरदगा शोभायात्रा में पथराव की साजिश
Ranchi: आपने अक्षय कुमार की फिल्म हॉलिडे तो जरूर देखि होगी ,उस फिल्म में आपको दिखाया जाता है की स्लीपर सेल (sleeper…

सौहार्द का पर्व रामनवमी में वीडियो के गलत व्याख्या (Fake Narrative) कर विदेशो से भारत को बदनाम करने की कोशिश
Fake Narrative रामनवमी और नवरात्रि के दौरान पुरे देश भर के तमाम शहरों में सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की गई। राजस्थान के…
उसके बाद मंत्री से बातचीत के दौरान एक विस्थापित को कांग्रेसियों ने मोबाइल में वीडियो बनाने की वजह से धक्का देकर बाहर निकाल दिया।
फिर क्या विस्थापितों ने जमकर मंत्री के समक्ष हंगामा किया और कांग्रेस के इस हरकत पर विरोध जताया। इसके बाद बाहर निकले विस्थापितों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कहा कि जिस प्रकार से आज विस्थापितों को कांग्रेस कार्यालय में धक्का-मुक्की किया गया है। उसी तरह विस्थापित क्षेत्र में भी कांग्रेसियों को धक्का देकर बाहर निकालने का काम किया जाएगा।
पंचायत चुनाव (Panchayat Election) में खर्च होंगे एक अरब सैंतालीस करोड़ छियासी लाख बयानवे हजार रुपये
विस्थापितों ने कहा कि हम 2 साल से ग्रामीण विकास मंत्री के समक्ष 19 गांव को विस्थापित पंचायत में शामिल करने के लिए मांग कर रहे हैं। लेकिन पंचायत चुनाव की घोषणा होने के बाद भी इन गांवों को पंचायत में शामिल नहीं किया गया। हम सिर्फ विधायक सांसद चुनते हैं और विकास से कोसों दूर रहते हैं ।
मंत्री आलमगीर आलम ने कहा कि विस्थापितों की समस्या सही है। लेकिन चुनाव की घोषणा हो गई है ।कुछ टेक्निकल वजह से पंचायत में शामिल नहीं किया गया है ।कांग्रेस एक परिवार है, कुछ लोग अपनी बातों को रख रहे थे इसी दौरान कुछ बातें हुई हैं ।बाहर क्या हुआ वह हमें जानकारी नहीं है।



















