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सौहार्द का पर्व रामनवमी में वीडियो के गलत व्याख्या (Fake Narrative) कर विदेशो से भारत को बदनाम करने की कोशिश

Fake Narrative

रामनवमी और नवरात्रि के दौरान पुरे देश भर के तमाम शहरों में सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की गई। राजस्थान के करोली में हिंसा,झारखण्ड का लोहरदग्गा हिंसा या फिर गुजरात के आनंद और मध्यप्रदेश के खरगोन में रामनवमी के जुलूस पर पथराव, इन सभी में अंतरराष्ट्रीय स्तर की साजिश के लिंक तलाशे जा रहे हैं। यहाँ तक की पुलिस की माने तो झारखण्ड के लोहरदग्गा जिले में स्लीपर सेल एक्टिव था ताकि दंगा कराया सके

इस बीच ट्विटर पर भारत को बदनाम करने की साजिशे सामने आयी है। Global Correspondent for Byline Times.के पत्रकार ने एक वीडियो झारखण्ड के हजारीबाग का पोस्ट किया है और लिखा है की वीडियो हजारीबाग में पुलिस अधीक्षक को मुस्लिमों पर हमला करने के लिए हिंदू वर्चस्ववादियों को प्रोत्साहित करते हुए दिखाता है।

देखे उसका ट्विटर

जबकि हकीकत ये नहीं है ना तो SPऔर ना DC रामभक्तो को भड़का रहे थे बल्कि रामनवमी हिन्दुओ की आस्था का पूर्व है और तमाम अखाड़ों ने मिलकर DM और सुप्रीडेन्टेट ऑफ़ पुलिस को इन्वाइट किया था यही वजह है की लोगो की आस्था को धयान में रखकर SPऔर DC ने अपने हाथो में तलवार कुछ सेकेण्ड भर के लिए ली और फिर चले गए लेकिन विदेशो में इस बात को तूल दे दिया गया और बताया गया की अधिकारियो द्वारा हिन्दुओ को मुसलमानो के खिलाफ हमला करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। जबकि सभसे अच्छी बात ये है की इन अधिकारियो की वजह से रामनवमी में दंगो का इतिहास रखने वाले हजारीबाग में एक भी दंगा नहीं हुआ।

दरअसल पाकिस्तान और अफगानिस्तान के तमाम ट्विटर हैंडलों से ऐसे हजारों ट्वीट इस बात के गवाह हैं कि किस तरह भारतीय मुस्लिमाें के मन में हिंदुओं के प्रति नफरत के बीज बोए जाये। बिना घटना या बिना तथ्य को जाने या वीडियो को गलत इंटरप्रेट कर गलत जानकारी देकर इन वीडियो या फोटो के जरिये पाकिस्तानी मशीनरी भारत को बदनाम करते हुए आपसी सौहार्द बिगाड़ने की साजिश रच रही है। खुद को भारत के मुस्लिमों के रहनुमां बनने वाले इन ट्विटर हैंडल्स लगभग में से एक भी भारत में नहीं है।

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drishtinow

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