चाईबासा : स्मार्ट मीटर लगाने गई बिजली विभाग की टीम से मारपीट, साइट इंचार्ज ने दर्ज कराई प्राथमिकी
अश्वनी पाठक | चाईबासा
चाईबासा जिले के सदर थाना क्षेत्र के न्यू कॉलोनी नीमडीह में स्मार्ट मीटर लगाने पहुंची बिजली विभाग की तकनीकी टीम के साथ कथित तौर पर मारपीट और बदसलूकी का मामला सामने आया है। घटना को लेकर स्मार्ट मीटरिंग का काम कर रही बंटेक इंडिया कंपनी के साइट इंचार्ज जीतेंद्र यादव ने सोमवार देर रात सदर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने ट्रैक्टर व्यवसायी मनीष राम के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायत के अनुसार, झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) ने बंटेक इंडिया कंपनी को स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य सौंपा है। इसी क्रम में जीतेंद्र यादव अपने सहयोगी अभिनंदन गुप्ता और अजय सिंह के साथ सोमवार दोपहर न्यू कॉलोनी नीमडीह स्थित मनीष राम के आवास पर स्मार्ट मीटर लगाने पहुंचे थे।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि घर से बाहर निकले एक व्यक्ति को टीम ने स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया की जानकारी दी। मौखिक सहमति मिलने के बाद कर्मचारियों ने पुराने बिजली मीटर को हटाकर नया स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू कर दिया।
इसी दौरान मनीष राम के वहां पहुंचने पर उन्होंने कर्मचारियों से स्मार्ट मीटर लगाने के संबंध में पूछताछ की। टीम द्वारा पूरी जानकारी देने के बाद वह वहां से चले गए। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कुछ देर बाद मनीष राम दोबारा मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों से अथॉरिटी लेटर दिखाने को कहा। कर्मचारियों ने कथित तौर पर वैध अथॉरिटी लेटर दिखाया, लेकिन इसके बावजूद विवाद बढ़ गया।

साइट इंचार्ज की शिकायत के मुताबिक, मनीष राम ने कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए स्मार्ट मीटर लगाने का काम बंद करने को कहा और कर्मचारियों के साथ मारपीट शुरू कर दी। बीच-बचाव करने पहुंचे अभिनंदन गुप्ता और अजय सिंह के साथ भी हाथापाई किए जाने का आरोप लगाया गया है।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना की जानकारी पुलिस और बिजली विभाग के अधिकारियों को देने पर कर्मचारियों को महिला से छेड़छाड़ के मामले में फंसाने की धमकी दी गई।
घटना के बाद बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता गौतम राणा के साथ एजेंसी के साइट इंचार्ज सदर थाना पहुंचे और पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के बाद घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है।

















