20260205 203509

DLSA सिमडेगा ने पारा लीगल वॉलेंटियर्स को दिया विशेष प्रशिक्षण: बाल विवाह रोकथाम, मध्यस्थता और राष्ट्रीय लोक अदालत पर जोर

शंभू कुमार सिंह 

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

सिमडेगा : जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) सिमडेगा ने नियुक्त पारा लीगल वॉलेंटियर्स (PLVs) के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक सह प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन अपने कार्यालय सभागार में किया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य PLVs को उनके दायित्वों, संबंधित कानूनी प्रावधानों और चल रहे विधिक जागरूकता अभियानों की गहन जानकारी प्रदान करना था, ताकि वे जमीनी स्तर पर अधिक प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें।

कार्यशाला में बाल विवाह मुक्त जिला बनाने के विशेष अभियान पर विस्तृत चर्चा हुई। प्रतिभागियों को बताया गया कि बाल विवाह केवल एक सामाजिक अपराध नहीं है, बल्कि यह बच्चों के शारीरिक, मानसिक तथा शैक्षणिक विकास को गंभीर रूप से प्रभावित करता है। PLVs को निर्देश दिए गए कि वे अपने पंचायत, गांव और टोला स्तर पर जाकर लोगों को बाल विवाह से जुड़े कानूनों, दंडात्मक प्रावधानों और इसके दीर्घकालिक दुष्परिणामों के बारे में जागरूक करें। साथ ही, किसी भी संदिग्ध मामले की तत्काल सूचना संबंधित विभागों को दें, जिससे बाल विवाह को रोका जा सके।

इसके अलावा, मध्यस्थता अभियान पर भी विशेष प्रकाश डाला गया। बताया गया कि पारिवारिक, सामाजिक और छोटे-मोटे विवादों का समाधान आपसी सहमति से मध्यस्थता के माध्यम से किया जा सकता है, जिससे समय, धन और रिश्तों की बचत होती है। PLVs की जिम्मेदारी होगी कि वे लोगों को न्यायालय के बाहर इस सरल और प्रभावी प्रक्रिया के प्रति जागरूक करें तथा अधिक से अधिक मामलों को मध्यस्थता के लिए प्रेरित करें।

आगामी 14 मार्च को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में भी विस्तार से चर्चा हुई। PLVs को निर्देशित किया गया कि वे अपने क्षेत्रों में लंबित मामलों—जैसे बैंक ऋण, बिजली-पानी बिल, मोटर दुर्घटना दावा, पारिवारिक विवाद आदि—के पक्षकारों को लोक अदालत में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें। लोक अदालत के जरिए मामलों का त्वरित, स्थायी और आपसी समझौते से निपटारा संभव है, जिससे आम जनता को शीघ्र न्याय मिलता है।

कार्यशाला की अध्यक्षता DLSA सचिव मरियम हेमरोम ने की। उन्होंने कहा, “पारा लीगल वॉलेंटियर्स न्याय प्रणाली और आम जनता के बीच मजबूत सेतु का काम करते हैं। उनकी सक्रियता और संवेदनशीलता से ही समाज के कमजोर, वंचित तथा जरूरतमंद वर्ग तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित हो सकती है।” उन्होंने PLVs से अपील की कि वे पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

इस अवसर पर डिप्टी एलएडीएस ब्रीखभान अग्रवाल एवं असिस्टेंट एलएडीसीएस सुकोमल ने भी विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया। उन्होंने विधिक सहायता योजनाओं, पात्र लाभुकों की पहचान, आवेदन प्रक्रिया तथा PLVs की भूमिका के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की।

Share via
Share via