Dr. Pranav Kumar Babbu became an example of friendship

मुश्किल दौर में दोस्ती की मिसाल बने डॉ. प्रणव कुमार बब्बू, राजीव रंजन के समर्थन में लगातार रहे सक्रिय

Share
Link copied

Dr. Pranav Kumar Babbu became an example of friendship in difficult times.

आकाश सिंह

आज के दौर में जहां लोग मुश्किल समय आते ही दूरी बना लेते हैं, वहीं डॉ. प्रणव कुमार बब्बू ने दोस्ती और साथ निभाने की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है। राजीव रंजन के जेल जाने के बाद से ही डॉ. बब्बू लगातार उनके समर्थन में मजबूती से खड़े रहे और हर स्तर पर उनके लिए आवाज उठाते रहे।

बताया जाता है कि जैसे ही राजीव रंजन के जेल जाने की खबर सामने आई, उसके बाद कई लोगों ने चुप्पी साध ली, लेकिन डॉ. प्रणव कुमार बब्बू ने खुलकर उनका साथ देने का फैसला किया। उन्होंने अपने सहयोगियों और समर्थकों को एकजुट किया और लगातार लोगों के बीच जाकर समर्थन जुटाने का काम किया।

Dr. Pranav Kumar Babbu became an example of friendship

सिर्फ राजनीतिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी डॉ. बब्बू ने सक्रिय भूमिका निभाई। फेसबुक, व्हाट्सएप और अन्य माध्यमों से लगातार कैंपेन चलाया गया। राजीव रंजन के समर्थन में पोस्ट, वीडियो और संदेश साझा किए गए ताकि लोगों तक उनकी बात पहुंच सके।

डॉ. बब्बू ने कई सामाजिक और राजनीतिक लोगों से संपर्क कर उन्हें भी इस अभियान से जोड़ने की कोशिश की। समर्थकों का कहना है कि जब राजीव रंजन कठिन दौर से गुजर रहे थे, तब डॉ. प्रणव कुमार बब्बू हर वक्त उनके परिवार और समर्थकों के साथ खड़े दिखाई दिए।

इसी का नतीजा रहा की जिस राजीव रंजन के जेल जाने पर लोग चुप्पी साध रखे थे । धीरे -धीरे लोग प्रणव कुमार बब्बू के तर्कों से कन्विंस होने लगे और राजीव रंजन के सपोर्ट में खड़े होने लगे । क्या कांग्रेस के नेता , क्या पत्रकार , क्या समाजसेवी , क्या बुद्दिजीवी वर्ग हर वर्ग राजीव रंजन के समर्थन में खड़ा हो गया और डॉ प्रणव कुमार बब्बू का शुरू किया आंदोलन जन आंदोलन बन गया ।

डॉ. बब्बू अपने साथियों के साथ आज भी बिरसा मुंडा जेल पहुँचे और राजीव रंजन के बेल पर जेल से बाहर आने पर एकजुट होकर समर्थन जताते नजर आ रहे हैं। समर्थकों का कहना है कि यह सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि रिश्तों और दोस्ती की ताकत का उदाहरण है।

स्थानीय लोगों के बीच भी इस बात की चर्चा है कि आज के समय में ऐसे लोग कम देखने को मिलते हैं, जो किसी दोस्त के कठिन समय में बिना किसी स्वार्थ के उसके साथ खड़े रहें। डॉ. प्रणव कुमार बब्बू ने यह दिखा दिया कि सच्ची दोस्ती सिर्फ अच्छे समय तक सीमित नहीं होती, बल्कि असली पहचान बुरे वक्त में साथ निभाने से होती है।

हालांकि पूरे मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में अलग-अलग चर्चाएं भी चल रही हैं,  लेकिन एक बात साफ है कि राजीव रंजन के समर्थन में और सीबीआई जांच की मांग पर डॉ. बब्बू की सक्रियता ने लोगों का ध्यान अपनी ओर जरूर खींचा है।

ABOUT THE AUTHOR
Drishti Now Desk

Drishti Now Desk

Desk

Drishti Now एक स्वतंत्र हिंदी डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म है, जिसकी प्राथमिक कवरेज झारखंड और बिहार से जुड़ी खबरों पर केंद्रित है। इसके साथ देश और दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर भी समाचार प्रकाशित किए जाते हैं। राजनीति, अपराध, समाज, धर्म, शिक्षा, खेल, प्रशासन, मौसम और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से कवर किया जाता है। Drishti Now का उद्देश्य पाठकों तक महत्वपूर्ण समाचारों और घटनाक्रमों की स्पष्ट, तथ्यपरक और जिम्मेदार जानकारी पहुंचाना है। Drishti Now — नजर हर खबर पर।