सिमडेगा की बेटी डॉ. शैल बाला सोरेंग टेटे को राष्ट्रपति पदक, बीएसएफ में उत्कृष्ट सेवा के लिए मिला सम्मान

शंभू कुमार सिंह
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!सिमडेगा: झारखंड के सिमडेगा जिले की बेटी डॉ. शैल बाला सोरेंग टेटे ने एक बार फिर जिले और राज्य का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में सराहनीय एवं उत्कृष्ट सेवा के लिए उन्हें राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित बीएसएफ अलंकरण समारोह में प्रदान किया गया।
समारोह में बीएसएफ के कुल 47 अधिकारियों एवं जवानों को वीरता और उत्कृष्ट सेवा के लिए विभिन्न पदकों से सम्मानित किया गया। इन सम्मानों की घोषणा वर्ष 2024 में 78वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर की गई थी। डॉ. शैल बाला सोरेंग टेटे को यह सम्मान बीएसएफ के डायरेक्टर जनरल प्रवीण कुमार ने प्रदान किया।
वर्तमान में डॉ. शैल बाला असम के सिलचर में बीएसएफ में उप महानिरीक्षक (मेडिकल) के पद पर कार्यरत हैं। उनकी इस उपलब्धि से सिमडेगा सहित पूरे झारखंड में खुशी और गर्व का माहौल है। विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक और खेल संगठनों ने उन्हें बधाई देते हुए इसे जिले के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया है।
डॉ. शैल बाला की प्रारंभिक शिक्षा सिमडेगा के उर्स लाइन कॉन्वेंट स्कूल, सामटोली में हुई। इसके बाद उन्होंने संत जेवियर कॉलेज, रांची से आईएससी की पढ़ाई पूरी की। मेडिकल शिक्षा के लिए उन्होंने दिल्ली का रुख किया और चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं।
उनके पति अजीत टेटे भी सीमा सुरक्षा बल में डीआईजी पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वहीं उनके पिता प्रदीप कुमार सोरेंग वर्ष 1974 बैच के आईएएस अधिकारी रहे हैं। परिवार की नई पीढ़ी भी सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ रही है और उनकी बेटी वर्तमान में मेडिकल क्षेत्र में कार्यरत हैं।
डॉ. शैल बाला के नाना के नाम पर संचालित ‘प्यार फाउंडेशन’ सिमडेगा जिले में शिक्षा, खेल और स्वास्थ्य के क्षेत्र में लगातार उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि डॉ. शैल बाला की सफलता खासकर बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
















