Durand Cup trophy arrives in Gumla; grand welcome with drums and traditional music in the ‘football nursery’.

गुमला पहुंची डूरंड कप ट्रॉफी, ‘फुटबॉल नर्सरी’ में ढोल-नगाड़ों के साथ हुआ भव्य स्वागत

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Durand Cup trophy arrives in Gumla; grand welcome with drums and traditional music in the ‘football nursery’.
Durand Cup trophy arrives in Gumla; grand welcome with drums and traditional music in the ‘football nursery’.

निर्मल कुमार सिंह

गुमला: एशिया के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित फुटबॉल टूर्नामेंट डूरंड कप के 135वें संस्करण की ट्रॉफी सोमवार को झारखंड की ‘फुटबॉल नर्सरी’ कहे जाने वाले गुमला पहुंची। परमवीर अल्बर्ट एक्का स्टेडियम में आयोजित समारोह में ट्रॉफी का पारंपरिक आदिवासी नृत्य, ढोल-नगाड़ों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ भव्य स्वागत किया गया। ट्रॉफी के आगमन से खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।

समारोह के बाद उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो, पुलिस अधीक्षक हारिस बिन ज़मा और जिला वन प्रमंडल पदाधिकारी अहमद बेलाल अनवर ने संयुक्त रूप से ट्रॉफी रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी, जहां लोगों ने ट्रॉफी का गर्मजोशी से स्वागत किया और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने कहा कि डूरंड कप जैसी प्रतिष्ठित ट्रॉफी के स्वागत के लिए गुमला का चयन जिले की समृद्ध खेल संस्कृति का सम्मान है। उन्होंने कहा कि गुमला लंबे समय से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की नर्सरी रहा है और यहां के खिलाड़ियों ने राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस आयोजन से युवा खिलाड़ियों को नई प्रेरणा मिलेगी।

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पुलिस अधीक्षक हारिस बिन ज़मा ने इसे जिले के लिए ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि डूरंड कप भारतीय खेलों की गौरवशाली विरासत का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं से खेलों के प्रति समर्पित होकर देश का नाम रोशन करने का आह्वान किया।

वहीं, डीएफओ अहमद बेलाल अनवर ने कहा कि ट्रॉफी का आगमन जिले की खेल भावना को नई ऊर्जा देगा और युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा।

गौरतलब है कि पहली बार झारखंड को डूरंड कप की मेजबानी मिली है। प्रतियोगिता के मुकाबले 26 जुलाई से 10 अगस्त तक रांची के मोरहाबादी स्थित बिरसा मुंडा फुटबॉल स्टेडियम में खेले जाएंगे। ऐसे में फुटबॉल परंपरा वाले गुमला में ट्रॉफी का पहुंचना खेल जगत के लिए विशेष महत्व रखता है।

कार्यक्रम में सेना के अधिकारी, जिला परिषद उपाध्यक्ष संयुक्ता देवी, उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन, एसडीओ सदर अखिलेश कुमार, जिला खेल पदाधिकारी प्रवीण कुमार सहित बड़ी संख्या में अधिकारी, खेल प्रशिक्षक और खिलाड़ी मौजूद रहे। ट्रॉफी के आगमन के साथ ही जिले में फुटबॉल का माहौल और भी उत्साहपूर्ण हो गया है।

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