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अवैध बालू खनन के दौरान दामोदर नदी में जलस्तर अचानक बढ़ा, चार ट्रैक्टर और इंजन डूबे; चालकों ने भागकर बचाई जान

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बोकारो : झारखंड के बोकारो जिले के पेटरवार प्रखंड में दामोदर नदी के किनारे अवैध बालू खनन का काला कारोबार एक बार फिर जानलेवा साबित हो गया। खेतको और कथारा केप्टिव पावर प्लांट के समीप नदी में बालू निकासी के दौरान अचानक जलस्तर तेजी से बढ़ने से चार ट्रैक्टर और एक इंजन डूब गया। गनीमत रही कि ट्रैक्टर चालक और मजदूर किसी तरह अपनी जान बचा लेने में सफल रहे।

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जानकारी के अनुसार, एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) द्वारा बालू खनन पर लगी रोक के बावजूद नदी में अवैध उत्खनन जारी था। घटना के समय कई मजदूर और ट्रैक्टर चालक नदी में मौजूद थे, जो बालू लोडिंग और उतारने का काम कर रहे थे। तभी तेनुघाट डैम का गेट बिना किसी पूर्व सूचना के अचानक खोल दिया गया, जिससे दामोदर नदी का जलस्तर कुछ ही मिनटों में काफी बढ़ गया। तेज बहाव में एक साथ कई ट्रैक्टर बहने लगे और डूब गए। डरते-दरते मजदूरों ने किसी तरह किनारे पर चढ़कर अपनी जान बचाई।

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स्थानीय लोगों ने बताया कि यह इलाका अवैध खनन का हॉटस्पॉट बना हुआ है। रात के अंधेरे में बालू निकालकर स्टॉक किया जाता है, जो सुबह ट्रैक्टरों से ऊंची कीमत पर बेचा जाता है। खनन विभाग और स्थानीय पुलिस की लापरवाही के कारण यह कारोबार बेखौफ जारी है। हाल ही में बोकारो में बालू घाटों पर छापेमारी हुई थी, जिसमें कई ट्रैक्टर जब्त किए गए थे, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।

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ट्रैक्टरों का इंजन और डाला अभी भी नदी में डूबा हुआ है। प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी है, लेकिन डूबे वाहनों को निकालने का कोई प्रयास अभी तक नहीं किया गया। पर्यावरणविदों का कहना है कि अवैध खनन से नदी का अस्तित्व खतरे में पड़ रहा है, जिससे गहरे गड्ढे बन रहे हैं और डूबने की घटनाएं बढ़ रही हैं।

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