सैलून की आड़ में 2.51 करोड़ की कथित ठगी, तीन के खिलाफ FIR
जमशेदपुर। सोनारी थाना क्षेत्र के कागलनगर स्थित गोल्डन टाउन में संचालित साटिन पिंक सैलून से जुड़े लोगों पर 12 से अधिक लोगों से करीब 2 करोड़ 51 लाख 80 हजार रुपये की कथित ठगी करने का आरोप लगा है। मामले में पुलिस ने सैलून संचालक पूनम अरोड़ा, उनके पति सन्नी अरोड़ा और बेटे सक्षम अरोड़ा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। मामले की जांच की जिम्मेदारी उप-निरीक्षक परेश रजवार को सौंपी गई है। बिष्टुपुर के ओल्ड सर्किट हाउस एरिया निवासी शुभंकर चटर्जी की लिखित शिकायत के आधार पर सोमवार को सोनारी थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दिसंबर 2024 से मई 2026 के बीच आरोपियों ने फ्रेंडली लोन और बिजनेस पार्टनरशिप के नाम पर कई लोगों से रकम ली।

सैलून में निवेश का दिया भरोसा
शिकायत के मुताबिक, लोगों को साटिन पिंक सैलून में निवेश करने और रकम को कारोबार में लगाने का भरोसा दिया गया। आरोप है कि निवेश की गई राशि सुरक्षित रहने और निर्धारित समय के भीतर वापस करने का आश्वासन दिया गया था। इसी भरोसे पर अलग-अलग लोगों ने आरोपियों को लाखों रुपये दिए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि तय समय बीतने के बाद जब रकम वापस मांगी गई तो आरोपियों की ओर से टालमटोल शुरू कर दी गई। बाद में भुगतान करने से कथित तौर पर इनकार कर दिया गया। शिकायत में धमकी देने और आरोपियों के अंडरवर्ल्ड से संबंध होने की बात कहकर डराने का आरोप भी लगाया गया है।

13 लोगों से रकम लेने का आरोप
शिकायत में जिन लोगों से रकम लेने का आरोप लगाया गया है, उनमें—
हरजिंदर सिंह उर्फ प्रिंस — 16.20 लाख रुपये, मनीष राखेजा — 21.40 लाख रुपये,अंकित सेठी — 17 लाख रुपये,नवीन अग्रवाल — 36.50 लाख रुपये,मोनक कुमार तेवरीवाल — 36.50 लाख रुपये,राजेंद्र खेमका — 25 लाख रुपये, शुभंकर चटर्जी — 17.20 लाख रुपये,पारस अग्रवाल — 25 लाख रुपये, रमेश कुमार यादव — 10.50 लाख रुपये
, राहुल कुमार प्रसाद — 14 लाख रुपये,राकेश कुमार सिंह — 6 लाख रुपये,विकास कुमार — 14 लाख रुपये, सतेन्द्र पाल सिंह — 12.50 लाख रुपये
शिकायत के अनुसार इन सभी रकम को जोड़ने पर कुल राशि 2 करोड़ 51 लाख 80 हजार रुपये बताई गई है।

WhatsApp चैट और बैंक रिकॉर्ड पुलिस को दिए
शिकायतकर्ता की ओर से पुलिस को कथित लेनदेन से जुड़े WhatsApp चैट, भुगतान रसीद, बैंक ट्रांसफर रिकॉर्ड और ऑडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध कराए जाने की बात कही गई है।
पुलिस अब आरोपों की जांच के तहत आरोपियों के बैंक खातों, UPI आईडी और तीसरे पक्ष के खातों में हुए लेनदेन की पड़ताल कर सकती है। इसके अलावा मोबाइल फोन और कथित तौर पर ठगी की रकम से अर्जित संपत्तियों की भी जांच की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि मामले में नामजद तीन आरोपियों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।

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