ब्रेन मलेरिया पर पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा की चिंता, सदर अस्पताल पहुंचकर भर्ती बच्चों का जाना हाल

जमशेदपुर: झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने गुरुवार को जमशेदपुर सदर अस्पताल पहुंचकर ब्रेन मलेरिया से पीड़ित बच्चों का हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में भर्ती बच्चों और उनके परिजनों से मुलाकात की तथा चिकित्सकों से इलाज और स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली।
अर्जुन मुंडा ने पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका, घाटशिला और मुसाबनी के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में ब्रेन मलेरिया के बढ़ते मामलों पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से पोटका क्षेत्र में बीमारी तेजी से फैल रही है और स्थिति चिंताजनक होती जा रही है।
उन्होंने बताया कि फिलहाल सदर अस्पताल में करीब 35 बच्चे भर्ती हैं, जिनमें विलुप्तप्राय जनजाति बिरहोर समुदाय के बच्चे भी शामिल हैं। कई बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई है, जबकि अब तक पांच से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है।
मीडिया से बातचीत में अर्जुन मुंडा ने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो यह बीमारी महामारी का रूप ले सकती है। उन्होंने जिला प्रशासन से युद्धस्तर पर रोकथाम, उपचार और जागरूकता अभियान चलाने की मांग की।
पूर्व मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों के मुखिया, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी बच्चे में तेज बुखार या ब्रेन मलेरिया के लक्षण दिखाई दें तो उसे गांव में रखने के बजाय तत्काल नजदीकी अस्पताल या जमशेदपुर सदर अस्पताल पहुंचाया जाए, ताकि समय पर इलाज मिल सके और जान बचाई जा सके।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने, पर्याप्त दवाओं, जांच सुविधाओं और जनजागरूकता अभियान की व्यवस्था सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है। प्रशासन को पूरी गंभीरता के साथ कार्य करते हुए ब्रेन मलेरिया के बढ़ते खतरे पर शीघ्र नियंत्रण पाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।

















