पूर्व मंत्री चंद्रशेखर उर्फ ददई दुबे का निधन, झारखंड की राजनीति में शोक की लहर
झारखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और धनबाद के पूर्व सांसद चंद्रशेखर दुबे उर्फ ददई दुबे का गुरुवार, 10 जुलाई 2025 को निधन हो गया। वे दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती थे, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से झारखंड की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है।
ददई दुबे पलामू जिले के विश्रामपुर विधानसभा क्षेत्र से 6 बार विधायक रहे और अपनी जनसेवा के लिए जाने जाते थे। उन्होंने 2004 में धनबाद लोकसभा सीट से सांसद के रूप में भी प्रतिनिधित्व किया। इसके अलावा, वे हेमंत सोरेन सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री और मजदूर संगठन इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे ददई दुबे का इलाज दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में चल रहा था। 9 जुलाई को झारखंड प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने अस्पताल जाकर उनसे मुलाकात की थी। उनके निधन की खबर मिलते ही झारखंड के सभी राजनीतिक दलों के नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई नेताओं ने ददई दुबे को श्रद्धांजलि अर्पित की। कांग्रेस नेता दीपिका पांडे सिंह ने उन्हें मजदूरों की आवाज और जनआंदोलनों का प्रेरणास्रोत बताते हुए शोक व्यक्त किया। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री रघुबर दास ने उनके निधन को अपूरणीय क्षति करार दिया।
ददई दुबे का राजनीतिक सफर गांव के मुखिया से शुरू होकर विधायक, सांसद और मंत्री तक पहुंचा। उनका जीवन संघर्ष, समाजसेवा और मजदूर हितों के लिए समर्पित रहा। उनके निधन से झारखंड ने एक कर्मठ और समर्पित नेता खो दिया है।


















