LPG को लेकर सरकार का बड़ा फैसला, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल ग्राहकों को बड़ी राहत

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने एलपीजी (LPG) आपूर्ति को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए कमर्शियल और इंडस्ट्रियल ग्राहकों के लिए लागू सभी सेक्टर-वार प्रतिबंध हटा दिए हैं। सरकार ने नॉन-डोमेस्टिक पैक्ड LPG की सप्लाई को वेस्ट एशिया संकट से पहले के स्तर पर बहाल करने का ऐलान किया है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, वेस्ट एशिया में तनाव के कारण लागू की गई पाबंदियों में अब राहत दी गई है। इसके तहत बल्क LPG की आपूर्ति भी बढ़ाकर संकट से पहले की खपत के 50 प्रतिशत तक कर दी गई है। इससे होटल, रेस्तरां, फैक्ट्रियों और अन्य कमर्शियल व इंडस्ट्रियल उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। मंत्रालय ने बताया कि हाल के दिनों में एलपीजी की उपलब्धता में सुधार होने के बाद यह निर्णय लिया गया है। अब गैर-घरेलू पैक्ड LPG की सप्लाई पर लगी सभी सेक्टर-वार पाबंदियां समाप्त कर दी गई हैं।
क्यों लगाई गई थीं पाबंदियां?
वेस्ट एशिया संकट के दौरान घरेलू एलपीजी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत विशेष आदेश जारी किए थे। इसके तहत C3-C4 स्ट्रीम्स का उपयोग केवल एलपीजी उत्पादन के लिए अनिवार्य कर दिया गया था। इन्हें पेट्रोकेमिकल और अन्य औद्योगिक उपयोगों से हटाकर घरेलू LPG उत्पादन में लगाया गया था, ताकि आम उपभोक्ताओं को रसोई गैस की आपूर्ति प्रभावित न हो।
अब आपूर्ति की स्थिति सामान्य होने के बाद सरकार ने कमर्शियल और इंडस्ट्रियल ग्राहकों के लिए राहत देते हुए पहले से लागू प्रतिबंधों में ढील दे दी है। इससे उद्योगों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को एलपीजी की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है।
















