एच्इसी प्रबंधन कर्मी फिर लौटे हड़ताल पर, वेतन नहीं, तो काम नहीं का नारा फिर से हुआ बुलंद !

एच्इसी प्रबंधन कर्मी फिर लौटे हड़ताल पर, वेतन नहीं, तो काम नहीं का नारा फिर से हुआ बुलंद !

भारी उद्योग मंत्री डॉ महेंद्रनाथ पांडेय ने पिछले दिनों एच्इसी प्रबंधन को कर्मियों को बकाये वेतन का भुगतान अपने स्तर से करने को कहा था. इस कारण प्रबंधन ऊहापेह में हैं. प्रबंधन अब यह तय नहीं कर पा रहा है बिना भारी उद्योग मंत्रालय के सहयोग और हड़ताल समाप्त किये कर्मियों को बकाये वेतन का भुगतान कैसे किया जायेगा. क्योंकि, कर्मियों की हड़ताल से उत्पादन ठप है और उपकरणों का डिस्पैच नहीं हो रहा है. इस कारण कैश कलेक्शन रुका है. भारी उद्योग मंत्री के साथ बैठक में ‘एचइसी के दो निदेशक ने त्यागपत्र देने की भी पेशकश की थी. जिस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गयी. वहीं, मंत्रालय ने प्रबंधन को खर्च में कटौती करने कौ बात कहीं है. इसमें बिजली, पानी, मैन पावर व कार्यलय खर्च में कटौती करने को कहा गया है.

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मालूम हो कि एचइसी में वर्तमान में 350 स्थायी कर्मी और 4700 सप्लाई कर्मी काम कार रहे हैं. कर्मियों ने प्लांट में किया प्रदर्शन : छह माह के बकाये वेतन की मांग को लेकर कर्मियों की हड़ताल शनिवार को 18वें दिन भी जारी रही. कर्मी सुबह में तीनों प्लांट एचएमबीपी, एफएफपी और ‘एचएमटीपी पहुंचे और अपनी उपस्थिति दर्ज की. फिर प्रदर्शन करने के बाद धरना पर बैठ गये. कर्मियों ने एक बार फिर वेतन नहीं, तो काम नहीं का नारा बुलंद किया. कर्मियों का कहना था कि जब तक बकाया वेतन नहीं मिलेगा, हड़ताल जारी रहेगी.

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