ऐतिहासिक राजकीय मुड़मा मेला: तैयारियां पूरी, कृषि मंत्री ने लिया जायजा

रांची/मांडर : झारखंड की सांस्कृतिक धरोहर को समेटे ऐतिहासिक राजकीय मुड़मा मेला की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। मंगलवार को राज्य की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने मेला परिसर का अंतिम जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 8 और 9 अक्टूबर को आयोजित होने वाला यह मेला देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र होगा।

सुरक्षा और सुविधाओं का विशेष ध्यान
मंत्री ने बताया कि मेले में आने वाले आगंतुकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। परिसर में सुरक्षा व्यवस्था, मनोरंजन, स्वादिष्ट व्यंजन और साज-सज्जा की वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, जो मेले की रौनक को और बढ़ाएंगे।

झारखंड की संस्कृति का दर्पण
निरीक्षण के बाद मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा, “मुड़मा मेला आदिवासी-मूलवासी समाज के लिए बेहद खास है। यह झारखंड की संस्कृति और सामूहिकता का दर्पण है।” उन्होंने इस मेले की लोकप्रियता को झारखंड के साथ-साथ अन्य राज्यों तक फैली होने की बात कही और उम्मीद जताई कि इस बार भी मेला नया रिकॉर्ड बनाएगा।

मंत्री ने की पीतल की कलाकृतियों की खरीदारी
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने स्थानीय दुकानदार पंचम की दुकान से पीतल से बनी ढोल-नगाड़ा बजाते ग्रामीणों की मूर्ति और पीतल के मोर की खरीदारी की। दुकानदार पंचम ने अपनी कारीगरी के बारे में मंत्री को जानकारी दी, जिसे देखकर वह काफी प्रभावित हुईं।

मौके पर मौजूद रहे अधिकारी और गणमान्य
मेले का जायजा लेने के दौरान एसडीओ उत्कर्ष गुप्ता, ट्रैफिक एसपी, ग्रामीण एसपी, विभिन्न प्रखंडों के बीडीओ-सीओ, कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष मंगा उरांव, मुजीबुल्ला, सरिता तिग्गा, सेराफिना मिंज, बंधु उरांव, शमीम अख्तर, आबिद अंसारी, मैरी सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे।

यह मेला न केवल सांस्कृतिक उत्सव है, बल्कि स्थानीय कारीगरों और व्यापारियों के लिए भी अपनी कला और उत्पादों को प्रदर्शित करने का एक बड़ा मंच है। मेले में भारी संख्या में लोगों की भागीदारी की उम्मीद है, जो इसे और भी यादगार बनाएगी।


















