चतरा के पदमपुर में अवैध खनन का बड़ा मामला: प्रशासन ने रेलवे ठेकेदार कंपनियों के खिलाफ FIR दर्ज की
चतरा जिले के पदमपुर पंचायत में फुलवरिया और गोविंदपुर गांवों की गैरमजरूआ भूमि पर 32 फीट तक अवैध खनन का खुलासा। उपायुक्त रवि आनंद के निर्देश पर कोनी इरकॉन, झांझरिया, भीलनियम और रॉयल इंफ्रा के खिलाफ टंडवा थाना में FIR दर्ज।

चतरा, 07 मई : चतरा जिले के पदमपुर पंचायत अंतर्गत फुलवरिया और गोविंदपुर गांवों में बड़े पैमाने पर अवैध मिट्टी व पत्थर खनन का मामला सामने आया है। उपायुक्त रवि आनंद के निर्देश पर इस मामले में संबंधित रेलवे ठेकेदार कंपनियों के खिलाफ टंडवा थाना में FIR दर्ज कर ली गई है।जांच में चौंकाने वाले खुलासे30 मई 2026 को अंचल अधिकारी टंडवा और अंचल निरीक्षक सह राजस्व उप निरीक्षक रामवतार साव की संयुक्त टीम ने स्थल पर जांच की।
जांच रिपोर्ट के मुताबिक:
फुलवरिया गांव (खाता संख्या 142, प्लॉट संख्या 349) में 7.98 एकड़ गैरमजरूआ खास भूमि पर भारी स्तर पर अवैध खनन किया गया। इस जगह पर 32 फीट तक गहराई तक खुदाई की गई। साथ ही करीब 3 एकड़ क्षेत्र में पत्थरों का भी अवैध उत्खनन पाया गया।
गोविंदपुर गांव (खाता संख्या 13, प्लॉट संख्या 85) में 3 एकड़ गैरमजरूआ भूमि पर 14 फीट तक मिट्टी खोदी गई। नदी किनारे हुई खुदाई से पर्यावरणीय संतुलन बिगड़ने की आशंका व्यक्त की गई है।
ठेकेदार कंपनियों पर आरोप
स्थानीय ग्रामीणों की शिकायत के अनुसार यह अवैध खनन रेलवे परियोजना से जुड़ी कंपनियों — कोनी इरकॉन, झांझरिया, भीलनियम और रॉयल इंफ्रा — द्वारा कराया जा रहा था।
कानूनी कार्रवाई
प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए Mines and Minerals (Development and Regulation) Act, 1957, झारखंड माइनर मिनरल कंसेशन रूल्स-2004 और Illegal Mining Prevention Rules-2017 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के अंतर्गत भी FIR दर्ज की गई है।
उपायुक्त का सख्त संदेश
उपायुक्त रवि आनंद ने स्पष्ट कहा है कि जिले में अवैध खनन, परिवहन या भंडारण की किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों और कंपनियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि अवैध खनन की कोई भी जानकारी मिलने पर तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।















