नदी से दिन के उजाले में धड़ल्ले से हो रहा है बालू का उठाव.
खलारी : खलारी कोयलांचल क्षेत्र में रोजाना नदियों को छननी कर माफियाओं द्वारा लगाया जा रहा है झारखंड के राजस्व पर लाखों का चूना। कोयलांचल क्षेत्र के चूरी सफी नदी में दिन के उजाले में धल्डले से हो रही है बालू का उठाव। सैकड़ों ट्रैक्टर से बालू को उठाव कर खलारी के आसपास और शहरी क्षेत्रों में बड़े असानी से ऊँचे दामों में बेचा रहा है। खलारी से बुढ़मू के रास्ते होते हुए राँची ले जाया जाता है प्रशासन के नाक के नीचे से यह गोरख धंधा हो रहा है।
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!कभी कभार में दो चार ट्रैक्टर पकड वासूली के बाद फिर से यह सिलसिला शुरू हो जाता है और पूरे क्षेत्र में इसकी खबर होती है बस प्रशासन के नजर से बालू लादे ट्रैक्टर ओझल रहते है। बालू उठाने वाले गाड़ियों में किसी प्रकार का कोई खौफ नहीं देखने को मिलता है। पहले रात में बालू का अवैध उठाव होता था लेकिन अब तो दिन के उजाले में ही इसे अंजाम दिया जा रहा है। प्रशासन और नेताओं की मिली भगत से माफियाओं के द्वारा नदियों को छननी कर जेब भरी जा रही है, इसकी सूद लेने वाला कोई नहीं है। बालू माफियाओं के हौसले इतने बुलंद है कि वे सारे नियमों को ताक पर रखकर नदियों की धारा चीरकर बालू का अवैध उठाव कर रहे है। खनन विभाग और प्रशासन इसे लगाम लगने में असफल नजर आ रही है। माफियाओं का यह धंधा बड़े सहजता से रात और दिन में भी फल फूल रहा है।
खलारी, मो मुमताज़.

















