झारखंड विधानसभा का रजत जयंती समारोह: राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने याद किए अलग राज्य गठन के पल, शहीदों व पूर्व विधायकों को सम्मान

झारखंड विधानसभा का रजत जयंती समारोह: राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने याद किए अलग राज्य गठन के पल, शहीदों व पूर्व विधायकों को सम्मान

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रांची : झारखंड विधानसभा के 25वें स्थापना दिवस यानी रजत जयंती समारोह का आयोजन शनिवार को विधानसभा परिसर में धूमधाम से किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महामहिम राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार थे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन उपस्थित रहे।

समारोह में धनबाद के भाजपा विधायक राज सिन्हा को विशिष्ट विधायक के रूप में सम्मानित किया गया। इसके अलावा झारखंड पुलिस के शहीद जवानों, भारतीय सेना के शहीद सैनिकों, विधानसभा के कई कर्मचारियों तथा पूर्व विधायकों को भी सम्मानित किया गया।

राज्यपाल ने सुनाए अलग राज्य गठन के संस्मरण

मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए राज्यपाल संतोष गंगवार ने वर्ष 2000 के उन यादगार पलों को ताजा किया जब वे केंद्र में अटल बिहारी वाजपेई सरकार के मंत्रिमंडल सदस्य थे। उन्होंने बताया कि झारखंड को अलग राज्य बनाने के विधेयक पर उन्होंने खुद मतदान किया था। राज्यपाल ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आज झारखंड एक मजबूत राज्य के रूप में उभरा है और इसके विकास में सभी का योगदान रहा है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भावुक, पिता शिबू सोरेन को याद किया

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने संबोधन में लोकतंत्र की गरिमा और झारखंड अलग राज्य आंदोलन की लंबी लड़ाई को विस्तार से याद किया। वे अपने पिता एवं झारखंड आंदोलन के प्रखर नेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन को याद करते हुए भावुक हो गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राज्य शहीदों के बलिदान और आंदोलनकारियों के संघर्ष से बना है, इसे आगे भी उसी भावना के साथ मजबूत करना हम सबकी जिम्मेदारी है।

विधानसभा अध्यक्ष ने 25 साल के सफर को याद किया

स्वागत भाषण में झारखंड विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो ने पिछले 25 वर्षों के विधायी सफर को याद करते हुए कहा कि लोकतंत्र की मर्यादा बनाए रखना और उसकी आत्मा को जीवंत रखना हर जनप्रतिनिधि का दायित्व है। उन्होंने सभी पूर्व स्पीकरों, पूर्व विधायकों और कर्मचारियों के योगदान को सराहा।

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने साधा सरकार पर निशाना

नेता प्रतिपक्ष एवं झारखंड के प्रथम मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने अपने संबोधन में अटल बिहारी वाजपेई को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि झारखंड को अलग राज्य का दर्जा देने का सपना इन्हीं के नेतृत्व में साकार हुआ। साथ ही उन्होंने मौजूदा सरकार पर शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास के मुद्दों पर तीखा प्रहार किया और कहा कि 25 साल बाद भी राज्य कई क्षेत्रों में पिछड़ा हुआ है, इसके लिए वर्तमान सरकार जिम्मेदार है।

रजत जयंती समारोह में विधानसभा के सभी वर्तमान एवं पूर्व सदस्य, अधिकारी-कर्मचारी और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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