झारखंड भाजपा ने धूमधाम से मनाई अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती
रांची : भारत रत्न एवं झारखंड राज्य के निर्माता, पूर्व प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की 101वीं जयंती को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) झारखंड इकाई ने पूरे प्रदेश में बूथ स्तर तक उत्साहपूर्वक मनाया। कार्यकर्ताओं ने श्रद्धासुमन अर्पित कर अटल जी के व्यक्तित्व, कृतित्व एवं उनके ऐतिहासिक योगदान पर चर्चा की।
प्रदेश भाजपा कार्यालय में अटल जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई तथा उनके जीवन वृत्त पर आधारित चित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रविंद्र कुमार राय ने किया। इस अवसर पर उपस्थित नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने अटल जी के राष्ट्रनिर्माण, सुशासन एवं झारखंड राज्य गठन में उनके योगदान को याद किया।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, प्रदेश के चार विधानसभा क्षेत्रों – डाल्टनगंज, भवनाथपुर, सिमरिया एवं बरही में ‘अटल स्मृति सम्मेलन’ का आयोजन किया गया।
झारखंड विधानसभा परिसर में भी श्रद्धेय अटल जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर नमन किया गया। प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रविंद्र कुमार राय मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने कहा, “श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी भारतीय राजनीति के महान व्यक्तित्व थे। वे कुशल संगठनकर्ता एवं सुशासन के सशक्त प्रतीक थे। उन्होंने राजनीति में शुचिता, संवाद एवं पारदर्शिता की परंपरा स्थापित की। झारखंड निर्माण के माध्यम से उन्होंने क्षेत्र के विकास की मजबूत नींव रखी।”
पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रविंद्र कुमार राय ने कहा, “अलग झारखंड राज्य का निर्माण अटल जी की दूरदर्शी सोच का परिणाम है। इस निर्णय से आदिवासी, मूलवासी एवं वंचित समाज को पहचान एवं अधिकार मिला। अटल जी का जीवन भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत है।”
कार्यक्रमों में सुनीता सिंह, हेमंत दास, शिवपूजन पाठक, योगेन्द्र प्रताप, अशोक बड़ाईक, रमाकांत महतो, अविनेश सिंह, आरती सिंह, संदीप वर्मा, शोभा यादव, निशि जायसवाल, अरुण झा, सुनील साहू, बबीता वर्मा, लक्ष्मी चंद्र दीक्षित, इंद्रजीत यादव, विशाल साहू, सीपी सिंह, यदुनाथ पांडेय, वरुण साहू, राकेश भाष्कर, बलराम सिंह, जितेंद्र वर्मा, रोमित नारायण सिंह सहित पार्टी के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
उपस्थित सभी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने अटल जी के विचारों एवं आदर्शों को आत्मसात करने तथा उनके पदचिह्नों पर चलने का संकल्प लिया।


















