झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन की हालत गंभीर, आज ऑपरेशन पर फैसला संभव
दिल्ली : झारखंड के शिक्षा मंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के वरिष्ठ नेता रामदास सोरेन की स्वास्थ्य स्थिति गंभीर बनी हुई है। दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में भर्ती सोरेन जीवन रक्षक प्रणाली (वेंटिलेटर) पर हैं। सूत्रों के अनुसार, उनकी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आज 11 अगस्त को उनके ऑपरेशन को लेकर डॉक्टरों की टीम अंतिम फैसला ले सकती है।
2 अगस्त 2025 को रामदास सोरेन अपने जमशेदपुर स्थित आवास के बाथरूम में फिसलकर गिर गए थे, जिसके कारण उन्हें गंभीर सिर की चोट और ब्रेन हेमरेज (मस्तिष्क में रक्तस्राव) हुआ। शुरुआती इलाज के लिए उन्हें जमशेदपुर के एक अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां डॉक्टरों ने उनके मस्तिष्क में खून का थक्का (ब्लड क्लॉट) पाया। इसके बाद, उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें उसी दिन दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में एयरलिफ्ट किया गया।
सूत्रों के अनुसार, सोरेन के मस्तिष्क में रक्तस्राव और दबाव को कम करने के लिए सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है। आज डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति का आकलन कर यह तय करेगी कि ऑपरेशन करना उचित होगा या नहीं। JMM के प्रवक्ता कुनाल सरंगी ने X पर पोस्ट करते हुए कहा, “माननीय मंत्री रामदास सोरेन की स्थिति गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।”
62 वर्षीय रामदास सोरेन JMM के प्रमुख नेताओं में से एक हैं और घाटशिला से विधायक हैं। उन्होंने 1980 में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की और झारखंड आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 2024 के विधानसभा चुनावों में जीत के बाद उन्हें हेमंत सोरेन की कैबिनेट में शिक्षा मंत्री बनाया गया। वे कोल्हान क्षेत्र के एक प्रभावशाली नेता माने जाते हैं।


















