Jharkhand News :- राज्य के 5 मेडिकल कॉलेज में होगी डॉक्टरों की नियुक्ति 24 विभागों में 72 प्रोफेसर और 89 एसोसिएट प्रोफेसर की होगी नियुक्ति, विज्ञापन जारी
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महकमे का स्वास्थ्य विभाग मेडिकल अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए नियुक्ति का विज्ञापन जारी किया है। पांच अस्पतालों में 72 प्राध्यापक और 89 सह प्राध्यापक की नियुक्ति की जाएगी। डॉक्टरों की नियुक्ति वॉक इन इंटरव्यू के आधार पर की जाएगी। रिक्त सीटों में बैकलॉग नियुक्तियां भी शामिल हैं। वॉक इन इंटरव्यू 10 और 11 फरवरी को रिम्स में लिया जाएगा।
इन अस्पतालों के लिए होगी नियुक्ति
शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज, धनबाद
एमजीएम मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर
फुलो झानो मेडिकल कॉलेज, दुमका
मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज, पलामू
शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज, हजारीबाग
इन विभागों में होगी नियुक्ति
- एनाटॉमी
- फिजियोलॉजी
- बायोकेमिस्ट्री
- पैथोलॉजी
- माइक्रोबायोलॉजी
- एफएमटी
- फार्माकोलॉजी
- पीएसएम
- औषधि
- टीबी चेस्ट
- शिशु रोग
- सर्जरी
- अस्थि
- ईएनटी
- नेत्र
- स्त्री एवं प्रसव
- रेडियोलॉजी
- रेडियोथेरेपी
- एनेस्थेसिया
- डेंटल
- ब्लड बैंक
- स्कीन एवं यौन रोग
- मनोरोग
- फिजिकल मेडिसीन एंड रिहेबिलिटेशन
डॉक्टरों की सैलेरी में विभाग ने लाया बदलाव
विभागीय अपर सचिव आलोक त्रिवेदी की ओर से जारी विज्ञापन के मुताबिक डॉक्टरों को दी जाने वाली शर्तों में बदलाव किया गया है। प्राध्यापक को ढ़ाई लाख और सह प्राध्यापक का ेदो लाख रुपये मिलेंगे। आवेदक के अधिकतम उम्र सीमा 70 वर्ष रखी गयी है। प्राध्यापकों की नियुक्ति के लिए 10 फरवरी और सह प्राध्यापकों की नियुक्ति के लिए 11 फरवरी को वॉक इन इंटरव्यू लिया जाएगा। विभाग की ओर से बताया गया है कि अगर इन नियुक्ति प्रक्रिया के बाद भी सीटें रिक्त रह जाती हैं,तो फिर से विज्ञापन निकाला जा सकता है।
हर बार निकलता है विज्ञापन, नहीं मिलते डॉक्टर
राज्य के मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर की नियुक्ति के लिए विभाग की ओर से कई बार विज्ञापन निकाला गया है लेकिन हर बार सीट रिक्त ही रह जाती है। अनुबंध पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकाले जाते हैं, डॉक्टरों को ढ़ाई लाख रुपये तक की सैलेरी देने की बात की जाती है, इसके बाद भी राज्य के मेडिकल कॉलेजों को डॉक्टर नहीं मिल रहे हैं। अनुबंध की नियुक्ति में भी आरक्षण रोस्टर लागू होने की वजह से भी डॉक्टर झारखंड में नहीं टिकना चाहते हैं।
इसलिए भी नहीं मिलते डॉक्टर
- ग्रामीण क्षेत्र में बच्चों के लिए अच्छे स्कूल नहीं हैं
- आवास की सुविधा नहीं मिलती
- सुरक्षा भी बड़ी समस्या है
- ग्रामीण इलाकों के अस्पतालों में संसाधन नहीं होते हैं।
राज्य के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की स्थिति
- रामगढ़ जिले में चिकित्सक के सृजित कुल पद 75 हैं। इनमें अभी 49 नियमित चिकित्सक कार्यरत हैं, जबकि 26 पद खाली हैं। सदर अस्पताल में कुल सृजित पद 42 हैं, लेकिन मात्र 28 चिकित्सक कार्यरत हैं।
- गुमला जिले में 242 स्वास्थ्य उपकेंद्र, 9 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, दो रेफरल अस्पताल, 15 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इनके लिए जिले में 143 डॉक्टरों के पद सृजित हैं। इसके विरुद्ध मात्र 55 डॉक्टर कार्यरत हैं।
- हजारीबाग जिले में डॉक्टरों के लिए 120 पद सृजित हैं, फिलहाल यहां 64 डॉक्टर काम कर रहे हैं, जबकि 56 पद अभी खाली हैं। मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में डॉक्टरों की बहाली कॉन्ट्रेक्ट पर हो रही है। यहां 92 पद हैं, पर 50 प्रतिशत पद खाली हैं।
- चतरा जिले में चिकित्सकों के 130 पद सृजित हैं, जिनमें से मात्र 28 चिकित्सक पदस्थापित हैं।
- गढ़वा में चिकित्सकों के 189 पद स्वीकृत हैं, पर मात्र 38 कार्यरत हैं।
- सिमडेगा में स्वीकृत 114 पदों में सिर्फ 30 डॉक्टर ही पदस्थापित हैं।
- लोहरदगा में चिकित्सकों का 84 पद सृजित है, जिनमें मात्र 45 चिकित्सक सेवारत हैं।

















