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झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने सरकार को दी चेतावनी – 21 सूत्री मांगों पर अब तक नहीं हुई कार्रवाई।

झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने सरकार को दी चेतावनी – 21 सूत्री मांगों पर अब तक नहीं हुई कार्रवाई।

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रांची: झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ ने आज फिर से मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से लंबित 21 सूत्री मांगों पर ठोस कार्रवाई की मांग की है। महासंघ का कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा 11 जुलाई 2025 को ही संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया था, बावजूद इसके अब तक किसी स्तर पर ठोस पहल नहीं की गई।

महासंघ ने याद दिलाया कि 9 जुलाई 2025 को राज्यभर में आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा गया था। इसके बावजूद कर्मचारियों, संविदाकर्मियों, दैनिक वेतनभोगियों, कंप्यूटर ऑपरेटरों, आउटसोर्सिंग और अनुबंध कर्मियों की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।

 

महासंघ ने अपनी प्रमुख मांगों में सहकारिता प्रसार पदाधिकारी और अन्य निरीक्षक संवर्ग के वेतनमान संशोधन, ऑफिस बॉय और अटेंडेंट कर्मियों के मानदेय और अवकाश व्यवस्था, डाटा एंट्री ऑपरेटरों का ग्रेड सुधार, JSLPS के BPM, PRP और BAP संवर्ग का वेतन पुनर्संरचना, स्वास्थ्य विभाग के MPW कर्मचारियों का स्थायी समायोजन, पंचायत सचिव और लिपिक संवर्ग का ग्रेड पे सुधार, तथा सभी संविदा और अनुबंध कर्मियों का स्थायीकरण शामिल है।

 

महासंघ ने स्पष्ट कहा कि कर्मचारियों के साथ लंबे समय से हो रहा अन्याय अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। महासंघ के महामंत्री सुनील कुमार साह, अध्यक्ष देव नारायण सिंह मुंडा, संरक्षक गणेश प्रसाद सिंह समेत कई पदाधिकारियों ने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं होती तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

महासंघ की मांग है कि मुख्यमंत्री अविलंब कर्मचारियों के हित और राज्यहित में 21 सूत्री मांगों को लागू करें।

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