झारखंड: चाईबासा में विशाल दंतैल हाथी की संदिग्ध मौत, वन विभाग और बिजली विभाग ने शुरू की जांच

झारखंड: चाईबासा में विशाल दंतैल हाथी की संदिग्ध मौत, वन विभाग और बिजली विभाग ने शुरू की जांच

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चाईबासा, : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोन्टो थाना क्षेत्र अंतर्गत सेरेंगसिया गांव में एक विशाल दंतैल हाथी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। इस घटना ने स्थानीय ग्रामीणों और वन विभाग में हड़कंप मचा दिया है। हाथी के शव के पास बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई है, जबकि वन विभाग के अधिकारी, वनकर्मी और पशु चिकित्सक मौके पर पहुंचकर मामले की जांच में जुट गए हैं।

मौत के कारणों पर संशय

हाथी की मौत के पीछे कई संभावनाएं जताई जा रही हैं। कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि हाथी की मौत बिजली के करंट से हुई हो सकती है, जबकि अन्य का मानना है कि जहरीला पदार्थ खाने से उसकी जान गई। हालांकि, अभी तक करंट लगने की कोई पुख्ता जानकारी नहीं मिली है। वन विभाग के डीएफओ (चाईबासा) आदित्य नारायण ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सटीक कारण सामने आ पाएगा।

झारखंड: चाईबासा में विशाल दंतैल हाथी की संदिग्ध मौत, वन विभाग और बिजली विभाग ने शुरू की जांच

बिजली विभाग भी सक्रिय

करंट से मौत की आशंका के चलते बिजली विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची है और यह जांच कर रही है कि क्या हाथी की मौत बिजली के संपर्क में आने से हुई। वन विभाग और बिजली विभाग संयुक्त रूप से मामले की गहन जांच कर रहे हैं।

ग्रामीणों में दहशत, हाथी मचा रहा था उत्पात

जानकारी के मुताबिक, मृत हाथी पिछले कुछ दिनों से आसपास के ग्रामीण इलाकों में सक्रिय था और फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ कई घरों को भी ध्वस्त कर चुका था। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल था और उन्हें अपनी जान का खतरा सता रहा था। पश्चिमी सिंहभूम में पिछले 15 दिनों में हाथियों से जुड़े कई मामले सामने आए हैं, जिसमें बम विस्फोट से हाथी के घायल होने और अन्य घटनाएं शामिल हैं।

वन्यजीव संरक्षण पर सवाल

इस घटना ने वन विभाग की कार्यशैली और हाथियों के संरक्षण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ केंद्र सरकार वन्यजीवों के संरक्षण के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं पश्चिमी सिंहभूम के जंगली इलाकों में हाथियों की जान खतरे में दिख रही है। हाल के दिनों में इस क्षेत्र में हाथियों की मौत और घायल होने की घटनाएं चिंताजनक रूप से बढ़ी हैं।

वन विभाग ने आश्वासन दिया है कि मामले की पूरी जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जो इस रहस्यमयी मौत के कारणों को स्पष्ट कर सकती है।

 

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