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जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक सम्पन्न,दिये गये कई दिशा निर्देश।

कुंदन लाल / हज़ारीबाग़

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हजारीबाग समाहरणालय सभागार में बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक हजारीबाग जिले के डीसी आदित्य कुमार आनन्द की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई । बैठक में चाईल्ड हेल्थ की समीक्षा करते हुए नवजात शिशुओं की बढ़ती मृत्यु दर पर चिंता जताते हुए नवम्बर तक 25 नवजात शिशुओं की मृत्यु के मामले में जाँच कर मृत्यु के कारणों का प्रतिवेदन देने का निर्देश दिया गया । समीक्षा के क्रम में सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं के बावजूद किस परिस्थिति में जच्चा-बच्चा को निजी अस्पतालों में स्थानान्तरित किया जा रहा है । साथ ही निजी नर्सिंग होम से क्रिटिकल स्थिति होने पर शिशुओं के सदर अस्पताल में रेफर किए जाने के मामलों पर डीसी श्री आनन्द ने वैसे अस्पतालों को चिन्हित कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया । वहीं शिशुओं के ब्रेस्ट फीडींग की सुविधा को लेकर सभी अस्पतालों में उचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया । जिला में संचालित कुपोषण उपचार केन्द्रों ( एमटीसी ) पर उपलब्ध सुविधाओं को वास्तविक लाभूकों तक पहुँचाने के लिए कार्ययोजना में सुविधाजनक बदलाव लोने के लिए निदेशित करते हुए डीसी श्री आनन्द ने कहा,कि एमटीसी में कुपोषित बच्चे ईलाज के लिए आये इसके बजाये कुपोषितों के घर तक एमटीसी की सुविधा दिलाने का प्रयास करें । प्रायोगिक तौर पर फिलहाल कुपोषण प्रभावित चुरचू तथा विष्णुगढ़ प्रखण्डों के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रोें एवं आँगनबाड़ी केन्द्रोेें में सामान्य कुपोषित बच्चें के लिए एमटीसी की सुविधा प्रारम्भ करें । साथ ही डीसी श्री आनन्द ने पूरक पोषाहार योजना के तहत नये पूरक पोषाहार केन्द्र के लिए नया भवन चिन्हित करने तथा एएनएम को सम्बद्ध करने का प्रस्ताव देने का निर्देश सिविल सर्जन को दिया । जिले में संचालित सम्पूर्ण टीकाकरण अभियान के लक्ष्य के विरूद्ध 75 प्रतिशत उपलब्धि पर असंतोष जताते हुए डीसी श्री आनन्द ने समन्वय बनाकर लक्ष्य का शतप्रतिशत हासिल करने का निर्देश दिया । टीकाकरण में खराब प्रदर्शन करने वाले सदर प्रखण्ड के एमओआईसी को शोकाॅज करने का निर्देश सिविल सर्जन को दिया । इस क्रम में ब्लड बैंक तथा ब्लड की उपलब्धता,ब्लड संधारण इकाई,स्टोरेज आदि की व्यवस्था पर असंतोष व्यक्त करते हुए डीसी श्री आनन्द ने अधिक से अधिक ब्लड कैम्प डोनेशन कैम्प लगाने के लिए मासिक तथा वार्षिक कैलेंडर तैयार करते हुए महीना में कम से कम चार कैम्प आयोजित करने तथा ब्लड संधारण एवं सटोरेज की उचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया । साथ ही रेड क्राॅस के साथ बेहतर समन्वय बनाने को कहा । इस अवसर पर संस्थागत प्रसव सुनिश्चित कराने तथा प्रसव पूर्व निबंधन एवं नियमित जाँच को लेकर चुरचू,बड़कागाँव तथा केरेडारी आदि प्रखण्डों के खराब प्रदर्शन पर डीसी श्री आनन्द ने इसमें सुधार लाने का निर्देश दिया । साथ ही एएनएम,सहिया आदि को साथ घर-घर जाकर गर्भवति महिलाओं के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने का निर्देश दिया । इसके अलावे सदर तथा बरही अनुमण्डल क्षेत्र में भी संचालित निजी नर्सिंग होम,अस्पतालों से संस्थागत प्रसव का डाटा संकलन करने का निर्देश दिया । साथ ही प्रत्येक केन्द्र पर प्रसव पूर्व जाँच एवं एनिमीया,सुगर,एचआईवी,कैल्सियम टैबलेट आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश सिविल सर्जन को दिया । इस अवसर पर बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर डीसी श्री आनन्द ने अस्पतालों से निकलने वाले बायो कचरे के बेहतर निबटारे के लिए प्रखण्ड स्तर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के स्तर पर वेस्ट मैनेजमेंट एजेेंसियों के साथ एमओयू नहीं होने पर फटकार लगाते हुए डीसी श्री आनन्द ने अतिशिघ्र एजेंसियों से एमओयू करते हुए प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया । वहीं निजी तौर पर संचालित स्वास्थ्य सेवाओं के लिए जिला स्तर पर निर्गत किये जाने वाले पीसीपीएण्ड डीटी लाईसेंस की समीक्षा के क्रम में निर्गत लाईसेंस एवं मानकों की प्रतिपूर्ति करने की जांच प्रत्येक तीन महीना में करने का निर्देश दिया । इस क्रम में गैर लाईसेंसधारियों पर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश सिविल सर्जन को दिया । इस अवसर पर डीसी श्री आनन्द ने स्वास्थ्य सेवाओं में सहयोग करने वाले कर्मियों के भुगतान होने वाले इन्सेनटिव मामलों को शतप्रतिशत निष्पादन करने का निर्देश दिया । इस बैठक मेंहजारीबाग जिले के डीडीसी अभय कुमार सिंहा,सिविल सर्जन डाॅ.संजय कुमार सहित जिला एवं प्रखण्ड स्तर के चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे ।

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