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जितिया का व्रत रख बेटे की सलामती मांगी, सुबह उसी का शव देख टूट गया मां का कलेजा; वियतनाम से जमशेदपुर पहुंचा विनय का पार्थिव शरीर

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जितिया पर बेटे की लंबी उम्र के लिए निर्जला उपवास रखने वाली मां को नहीं था इस अनहोनी का अंदाजा, शव देखते ही बेसुध हुईं लग्न देवी; वियतनाम में सड़क हादसे में हुई थी 24 वर्षीय विनय की मौत

जमशेदपुर: मां ने बेटे की लंबी उम्र और सलामती के लिए निर्जला जितिया व्रत रखा था। मन में बस एक ही कामना थी कि उसका बेटा हमेशा स्वस्थ और सुरक्षित रहे। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। जिस बेटे की सलामती के लिए मां ने दिनभर अन्न-जल त्याग दिया, रविवार की सुबह उसी बेटे का पार्थिव शरीर उसके सामने था। वियतनाम से जमशेदपुर पहुंचे 24 वर्षीय विनय कुमार राय के शव को देखते ही मां लग्न देवी का कलेजा फट पड़ा। बेटे के चेहरे को सहलाते हुए वह बार-बार कहती रहीं, “बेटा, तुम्हारे लिए उपवास किया है, उठ जाओ।” मां की इस मार्मिक पुकार से वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। यह हृदयविदारक दृश्य रविवार सुबह जमशेदपुर के कदमा स्थित शास्त्रीनगर ब्लॉक नंबर चार का था। शनिवार को मां ने जितिया का निर्जला व्रत रखकर अपने बेटे की लंबी उम्र की कामना की थी। उन्हें क्या पता था कि अगले दिन बेटे को जीवित देखने के बजाय उसे अंतिम विदाई देनी पड़ेगी।

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दो साल पहले रोजगार के लिए गए थे वियतनाम

कदमा निवासी रमेश राय के पुत्र विनय कुमार राय ने योग शिक्षा का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद रोजगार की तलाश में करीब दो वर्ष पहले वियतनाम का रुख किया था। परिवार को उम्मीद थी कि विदेश में मेहनत कर विनय अपने भविष्य को बेहतर बनाएंगे। लेकिन एक सड़क हादसे ने परिवार की सारी उम्मीदों को तोड़ दिया। बताया गया कि 25 सितंबर की रात बारिश के दौरान विनय अपने दोस्त राजा कुमार के साथ स्कूटी से लौट रहे थे। राजा रांची का रहने वाला था। इसी दौरान सड़क पर स्कूटी फिसल गई और सामने से आ रही ओमनी कार से जोरदार टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि विनय और राजा दोनों की मौत हो गई।

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जनप्रतिनिधियों और विदेश मंत्रालय की पहल से लौटा पार्थिव शरीर

वियतनाम में हादसे की खबर मिलने के बाद परिवार के सामने बेटे का पार्थिव शरीर भारत लाने की चुनौती थी। इसके लिए स्थानीय सांसद विद्युत वरण महतो, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से पहल की गई। इनके प्रयासों के बाद विनय का पार्थिव शरीर शनिवार देर रात जमशेदपुर लाया गया। रात में शव को टाटा मुख्य अस्पताल के शवगृह में रखा गया। रविवार सुबह एंबुलेंस से पार्थिव शरीर शास्त्रीनगर स्थित घर पहुंचा तो परिवार में चीख-पुकार मच गई।

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अंतिम दर्शन के बाद पार्वती घाट पर हुआ अंतिम संस्कार

विनय का शव घर पहुंचते ही पिता रमेश राय और परिवार के अन्य सदस्य गहरे सदमे में डूब गए। बेटे को खोने के गम में मां का रो-रोकर बुरा हाल था। अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी पहुंचे और शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी। इसके बाद विनय की अंतिम यात्रा निकाली गई। बिष्टुपुर स्थित पार्वती घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। जितिया के पावन अवसर पर मां की आंखों के सामने बेटे की अंतिम विदाई का यह दृश्य पूरे इलाके को गहरे शोक में डुबो गया। जिस दिन मां ने बेटे की लंबी उम्र की दुआ मांगी थी, उसी दिन उसे अपने जिगर के टुकड़े को हमेशा के लिए विदा करना पड़ा।

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अश्वनी पाठक

अश्वनी पाठक

रिपोर्टर

अश्वनी पाठक जमशेदपुर निवासी हैं और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने न्यूज मीडिया किरण के माध्यम से पत्रकारिता की शुरुआत की। वाणिज्य में ऑनर्स (बी.कॉम) की शिक्षा पूरी करने के बाद वर्तमान में एलएलबी की पढ़ाई कर रहे हैं। पत्रकारिता के साथ-साथ वे कानून की शिक्षा भी प्राप्त कर रहे हैं।