JPSC कट ऑफ डेट: सुप्रीम कोर्ट ने पूछा 5 वर्ष से परीक्षा नहीं हुई

JPSC कट ऑफ डेट: सुप्रीम कोर्ट ने पूछा 5 वर्ष से परीक्षा नहीं हुई

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Ranchi/ Delhi : JPSC CUT OF DATE मामले में आज देश की शीर्ष COURT यानी SUPREME COURT में सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट के JUSTICE एमआर शाह एवं जस्टिस ए एस बोपन्ना की अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान खंडपीठ ने प्रार्थियों द्वारा दायर एसएलपी पर सुनवाई करते हुए झारखण्ड सरकार को नोटिस जारी किया . कोर्ट ने पूछा है कि 5 वर्षो से परीक्षा नहीं हुई है ऐसी स्थिति में प्रतिवादी को सरकार एक बार के लिये उम्र सीमा में छूट देने के लिए तैयार हैं ? SUPREME COURT ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 21 सितंबर को होगी। गौरतलब है की प्रार्थियों की ओर से SUPREME COURT के अधिवक्ता रोहित राठी और JHARKHAND HIGH COURT के वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार, अपराजिता भारद्वाज और अधिवक्ता कुमारी सुगन्धा ने SUPREME COURT में पक्ष रखा. वरीय अधिवक्ता अजीत कुमार ने COURT से कहा कि 21 वर्षों में JPSC अब तक मात्र 6 एग्जाम ही ले पाया है. ऐसे में परीक्षा से तैयारी कर रहे छात्रों को काफी उम्मीदें हैं.

जाहिर है कि JPSC एग्जाम 2021 में AGE की समय सीमा निर्धारण के मामले में SUPREME COURT में SLP दाखिल की गई है. रीना कुमारी व अमित कुमार सहित कई छात्रों की ओर से दाखिले एसएलपी में JHARKHAND HIGH COURT के उस आदेश को चुनौती दी गई है. जिसमें COURT ने झारखण्ड सरकार की ओर से AGE के समय सीमा निर्धारण को सही माना था. जबकि छात्रों का कहना है कि नियम के अनुसार JPSC को हर साल एग्जाम आयोजित करनी थी. पूर्व में JPSC की ओर से निकाले गए विज्ञापन में AGE का निर्धारण वर्ष 2011 था। मगर इसे वापस लेते हुए JPSC ने दूसरी बार संशोधित विज्ञापन जारी किया . जिसमें AGE के निर्धारण वर्ष 2016 कर दिया गया. सोचिये पांच वर्ष उम्र अधिक होने की वजह से हजारों हजार छात्र अब इस परीक्षा में शामिल नहीं हो पा रहे हैं.

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