Major crackdown by CID; 5 arrested, including Deputy Controller of Examinations.

JSSC-CGL पेपर लीक: 12 लाख में 65 सवाल! बोकारो में 15 अभ्यर्थियों से 1.80 करोड़ लेने की मीडिया रिपोर्ट, CID जांच में कई कड़ियां

रांची/धनबाद। झारखंड में JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रही जांच के बीच JSSC-CGL 2024 को लेकर एक बड़ा दावा सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, CID की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी अभय तिवारी ने कथित तौर पर बताया कि परीक्षा से पहले कुछ अभ्यर्थियों को प्रश्न और उत्तर उपलब्ध कराए गए थे। रिपोर्टों में दावा किया गया है कि बोकारो में करीब 15 अभ्यर्थियों से 12-12 लाख रुपये लिए गए और उन्हें करीब 65 सवाल-जवाब रटवाए गए।

15 अभ्यर्थियों से 12 लाख रुपये के हिसाब से यह रकम करीब 1.80 करोड़ रुपये बैठती है। हालांकि, यह रकम और पूरी प्रक्रिया अभी जांच के दायरे में है। CID ने अभय तिवारी से पूछताछ में सामने आए इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

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मीडिया रिपोर्ट्स में क्या दावा सामने आया?

‘द ट्रिब्यून’ और ‘द वीक’ समेत कई मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि अभय तिवारी ने पूछताछ के दौरान JSSC-CGL परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक होने और अभ्यर्थियों तक सवाल-जवाब पहुंचने की जानकारी दी। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ अभ्यर्थियों को बोकारो ले जाया गया और परीक्षा से पहले करीब 65 प्रश्न और उनके उत्तर याद कराए गए।

‘इंडिया टीवी’ की रिपोर्ट के मुताबिक, जांचकर्ताओं के सामने यह बात आई कि लगभग 15 अभ्यर्थियों से 12-12 लाख रुपये लिए गए। इस तरह कथित रकम करीब 1.80 करोड़ रुपये बताई गई है।

वेबेल और कथित नेटवर्क की भी चर्चा

मीडिया रिपोर्टों में परीक्षा से जुड़े प्रिंटिंग और अन्य कामों के लिए जिम्मेदार वेबेल का नाम भी सामने आया है। ‘द वीक’ की रिपोर्ट के अनुसार, अभय तिवारी ने पूछताछ में वेबेल से जुड़े लोगों के साथ कथित सांठगांठ का दावा किया। रिपोर्ट में मिथिलेश सिंह, राकेश सिंह और उमाकांत प्रमाणिक के नाम भी सामने आने की बात कही गई है।

हालांकि, इन आरोपों की वास्तविकता जांच का विषय है। किसी व्यक्ति का नाम आरोपी या दोषी के रूप में तभी निश्चित रूप से लिखा जाना चाहिए, जब जांच एजेंसी या अदालत के रिकॉर्ड से उसकी भूमिका पुष्ट हो।

बोकारो-धनबाद से सामने आ रहे नए कनेक्शन

JSSC-CGL मामले में CID की कार्रवाई का दायरा हाल के दिनों में बढ़ा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार धनबाद और बोकारो से परीक्षा में सफल चार अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसी कथित तौर पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन अभ्यर्थियों तक परीक्षा से जुड़ी सामग्री कैसे पहुंची और इसके पीछे कौन लोग थे।

इससे जांच का फोकस केवल कथित पेपर लीक कराने वालों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि उन अभ्यर्थियों तक भी पहुंच रहा है जिन्होंने कथित तौर पर लीक सामग्री का लाभ लिया हो सकता है।

150 से ज्यादा लोगों से पूछताछ का दावा

‘नवभारत टाइम्स’ की 29 अगस्त की रिपोर्ट के मुताबिक, जांच के दौरान करीब 150 संदिग्धों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। धनबाद और बोकारो से चार सफल अभ्यर्थियों की गिरफ्तारी को इसी जांच की अगली कड़ी बताया गया है।

इस कार्रवाई से संकेत मिलता है कि CID अब कथित नेटवर्क की पूरी कड़ी और लाभार्थियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

देवेंद्र महतो की भर्ती सुधार यात्रा भी धनबाद पहुंची

इसी बीच JPSC-JSSC भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की ‘Recruitment System Reform Yatra’ भी धनबाद पहुंची। 1 सितंबर को धनबाद में उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्ध नियुक्ति की मांग उठाई।

यात्रा रामगढ़ से शुरू होकर हजारीबाग, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, देवघर, दुमका, गोड्डा, साहिबगंज, पाकुड़, जामताड़ा, धनबाद, बोकारो समेत राज्य के कई जिलों से होकर गुजरने वाली है। अभियान का घोषित उद्देश्य JPSC और JSSC की भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता की मांग उठाना है।

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Drishti Now

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वरिष्ठ संवाददाता

झारखंड की राजनीति, प्रशासन और स्थानीय खबरों पर लंबे समय से रिपोर्टिंग कर रहे हैं।